किसानों के साथ मीटिंग के बाद बोले सीएम केजरीवाल, डेथ वॉरंट हैं तीनों कृषि कानून

दिल्ली से सटी सीमाओं पर नए किसान कानूनों को लेकर किसान आंदोलन कर रहे हैं। सरकार और किसान नेताओं के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है मगर बीच का रास्ता नहीं निकल पाया है। आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने किसान नेताओं से बीच की। इस दौरान सीएम ने नए कृषि कानूनों के बारे में भी चर्चा की। चर्चा के बाद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है।

सीएम केजरीवाल ने कहा, ‘आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश से कई किसान नेता कृषि कानूनों को लेकर दिल्ली विधानसभा के प्रांगण में चर्चा करने आए थे। केंद्र सरकार कहती आई है कि इन क़ानूनों से किसानों को फायदा होगा लेकिन अब तक वह जनता को एक भी फायदा बताने में नाकाम रहे हैं।’

किसान मजदूर बनने को बेबस हो जाएगा- सीएम
उन्होंने आगे कहा कि ये तीन कृषि कानून किसानों के लिए डेथ वारंट है। इन कानूनों से किसानों की किसानी कुछ पूंजीपतियों के हाथों में चली जाएगी और हमारा किसान अपने खेत में मजदूर बनने के लिए बेबस हो जाएगा। केजरीवाल ने कहा कि आज सब लोगों ने फिर से केंद्र सरकार से मांग की है कि इन क़ानूनों को वापस लिया जाए।

मेरठ में किसान महापंचायत
सीएम केजरीवाल संग बैठक के बाद पश्चिमी उत्तरप्रदेश के एक किसान नेता ने कहा कि 28 फरवरी को मेरठ में एक भव्य ‘किसान पंचायत’ होने जा रही है। महापंचायत में इन कानूनों पर चर्चा की जाएगी और भारत सरकार से इन कानूनों को वापस लेने की अपील की जाएगी।

कानून वापस करने की अपील
राष्ट्रीय जाट महासंघ के रोहित जाखड़ ने कहा कि हम मांग करते हैं कि एमएसपी के लिए एक कानून बनाया जाए और स्वामीनाथन रिपोर्ट की सिफारिशें पत्र लागू की जाएं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि तीनों कानून वापस लिए जाएं। जब तक ये पूरे नहीं होंगे, किसान दिल्ली की सीमाओं पर विरोध जारी रखेंगे और हम गांवों में जाएंगे।

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