राकेश टिकैत के बयान के बाद बिजनौर और जींद में किसानों ने गेहूं की फसल पर चला दिया ट्रैक्टर

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने शनिवार को कहा था कि अगर सरकार ये सोच रही है कि अगले दो महीने में किसानों को फसल काटनी होगी और उसके लिए किसान अपना आंदोलन खत्म करेंगे तो मैं सरकार को ये बता दूं कि किसान अपनी खड़ी फसल में आग लगा देगा, लेकिन किसान आंदोलन को खत्म नहीं होने देगा। टिकैत के इस बयान का असर देखने को मिल रहा है। दरअसल, हरियाणा और यूपी से ऐसे मामले सामने आने लगे हैं, जहां किसानों ने अपनी फसल को नष्ट कर दिया है।

बिजनौर में किसान ने छह बीघा खेत में फसल चलाया ट्रैक्टर

पहला मामला यूपी के बिजनौर का है, जहां एक किसान ने शनिवार की सुबह अपनी गेहूं की फसल को नष्ट कर दिया। हालांकि इस मामले के सामने आने के बाद राकेश टिकैत का बयान आया था। जानकारी के मुताबिक, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुलचाना गांव के किसान रोहित कुमार ने कृषि कानूनों के विरोध में अपनी फसल को ही नष्ट कर दिया। रोहित कुमार ने कहा कि उन्होंने गुरुवार को हिसार में महापंचायत के दौरान राकेश टिकैत के बयान को सुना था, जिसके बाद उन्होंने ये फैसला किया। रोहित कुमार ने अपने छह बीघा खेत में फसल के उपर ट्रैक्टर चला दिया। उनका कहना है कि सरकार जब हमारी मांगों को नहीं मान रही है तो फसल को उगाने का कोई मतलब ही नहीं है।

हरियाणा के जींद में किसान ने गेहूं की फसल कर दी बर्बाद

इसी तरह का एक और मामला हरियाणा जींद जिले से सामने आया है, जहां एक किसान ने अपनी फसल को जोत दिया है। मामला जींद के गुलकनी गांव है। यहां के किसान राममेहर ने अपनी दो एकड़ गेहूं की फसल पर टैक्टर चला दिया। ये मामला रविवार का है, जब राममेहर ट्रैक्टर-हैरो लेकर अपने खेत में पहुंचे और करीब दो एकड़ खड़ी गेहूं की फसल पर ट्रैक्टर चलाकर इसे नष्ट कर दिया।

इन दोनों घटनाओं के सामने आने के बाद राकेश टिकैत का कहना है कि किसानों को इस तरह के कठोर कदम उठाने की जरूरत नहीं है। मेरे बयान को इस तरह से ना लिया जाए कि मैंने किसानों को ये सब करने के लिए कहा था।

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