इस्लामाबाद। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई हिंसक झड़पों में 30 से अधिक लोगों के मारे जाने और करीब 200 लोगों के घायल होने की खबर है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब प्रशासन ने जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया। यह संगठन लंबे समय से क्षेत्र में आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर आवाज उठाता रहा है।

स्थानीय पुलिस के मुताबिक, JAAC के समर्थक एक अस्पताल की मोर्चरी के बाहर एकत्र हुए थे, जहां संगठन के एक सदस्य का शव रखा गया था। बताया जा रहा है कि उसकी मौत पहले हुई पुलिस कार्रवाई के दौरान गोली लगने से हुई थी।

अधिकारियों का कहना है कि जब सुरक्षा बलों ने भीड़ को हटाने की कोशिश की तो स्थिति बेकाबू हो गई। पुलिस का आरोप है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा कर्मियों पर पेट्रोल बम, ऑटोमैटिक हथियारों और अन्य साधनों से हमला किया, जिसके बाद हिंसा और बढ़ गई।

विवाद की एक बड़ी वजह आगामी चुनावों को भी माना जा रहा है। JAAC ने 27 जुलाई को प्रस्तावित विधानसभा चुनावों के विरोध में हड़ताल का आह्वान किया है। संगठन का आरोप है कि 45 में से 12 सीटें शरणार्थियों के लिए आरक्षित किए जाने का फैसला स्थानीय लोगों के हितों के खिलाफ है।

फिलहाल क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और प्रशासन हालात को नियंत्रित करने के प्रयास में जुटा है। वहीं, विपक्षी समूह और मानवाधिकार संगठनों ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है।