परमात्मा को कोई भी सजा नहीं हो सकती है, नारायण साकार को क्लीन चिट मिलने पर बोले अनुयायी

हाथरस भगदड़ मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को एसडीएम, सीओ और चार अन्य को निलंबित कर दिया है. रिपोर्ट में घटना के पीछे बड़ी साजिश से इनकार नहीं किया गया है. इसके साथ ही नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा को एसआईटी ने क्लीन चिट दे दी है. बाबा को क्लीन चिट मिलने के बाद अनुयायियों में खुशी का माहौल है.

नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा के अनुयायियों का कहना है कि बाबा परमात्मा हैं. परमात्मा को कोई भी सजा नहीं हो सकती है. अनुयायियों में एक महिला ने कहा, मेरी बेटी मरी हुई पैदा हुई हुई थी लेकिन बाबा की छवि आने के बाद में वो जिंदा हो उठी. मेरा बेटा अंधा था. बाबा के आश्राम का नल का पानी उसकी आंखों में डालने के बाद अब वो पढ़ने जाता है. उसे दिखता भी है.

भगदड़ के लिए आयोजकों को जिम्मेदार माना गया

एक अन्य अनुयायी महिला ने कहा, मेरा नाती भी बीमार था लेकिन नल का पानी पीने के बाद वो सही हो गया. एसआईटी की रिपोर्ट में भगदड़ के लिए आयोजकों को जिम्मेदार माना गया है. साथ ही दावा किया गया है कि आयोजकों ने भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं किए थे. रिपोर्ट में जिला प्रशासन की भी जवाबदेही तय की गई है. इसमें कहा गया है कि स्थानीय पुलिस-प्रशासन ने आयोजन को गंभीरता से नहीं लिया.

बिना निरीक्षण किए एसडीएम ने कार्यक्रम की अनुमति दी

इतना ही नहीं वो आलाधिकारियों को सही सूचना देने में विफल रहे. हाथरस के फुलरई गांव में ​​नारायण साकार हरि उर्फ ​​भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ की वजह से 121 लोगों की मौत हो गई थी. एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सिकंदराराऊ के एसडीएम ने आयोजन स्थल का निरीक्षण नहीं किया था. बिना निरीक्षण किए ही उन्होंने कार्यक्रम की अनुमति दी थी.

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