पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर हुए पुनर्मतदान के बाद आज रविवार सुबह 8 बजे से मतगणना जारी है। मतगणना केंद्र पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वोटों की गिनती शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रही है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, पूरे परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो।

प्रारंभिक रुझानों में भाजपा उम्मीदवार देबांशु पांडा बढ़त बनाए हुए हैं। अब तक आठ राउंड की गिनती पूरी हो चुकी है, जिसमें भाजपा प्रत्याशी लगभग 31,000 वोटों से आगे चल रहे हैं। उन्हें अब तक 51,621 वोट प्राप्त हुए हैं, जबकि सीपीआईएम उम्मीदवार शंभूनाथ कुर्मी को 20,556 वोट मिले हैं।

ईवीएम विवाद के बाद हुआ था पुनर्मतदान का फैसला

यह सीट पहले 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान विवादों में आ गई थी। उस समय ईवीएम में गड़बड़ी और गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। स्थिति को देखते हुए चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लेते हुए फलता विधानसभा क्षेत्र के सभी 285 बूथों पर मतदान रद्द कर दिया था और 21 मई को पूरे क्षेत्र में पुनर्मतदान कराया गया।

भारी मतदान और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

21 मई को हुए पुनर्मतदान में मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कुल 2.36 लाख मतदाताओं में से 87 प्रतिशत से अधिक लोगों ने मतदान किया। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया था, जिसमें करीब 35 कंपनियों केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी।

टीएमसी उम्मीदवार का चुनाव से हटना

इस सीट पर चुनावी माहौल काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। हालांकि छह उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन मतदान से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी जहांगीर खान ने चुनाव न लड़ने की घोषणा कर दी थी। पार्टी ने इसे उनका व्यक्तिगत फैसला बताया, लेकिन इस घटनाक्रम ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी थी।

मतदान प्रक्रिया पर उठे सवाल

29 अप्रैल के मतदान के दौरान कई बूथों से ईवीएम से छेड़छाड़, टेप लगाए जाने और संदिग्ध पदार्थ के इस्तेमाल जैसी शिकायतें सामने आई थीं। जांच के दौरान कुछ पोलिंग बूथों के वेबकैम फुटेज में भी गड़बड़ी की आशंका जताई गई थी।

इन गंभीर आरोपों के बाद निर्वाचन आयोग ने पूरी रिपोर्ट के आधार पर सभी बूथों पर दोबारा मतदान कराने का निर्णय लिया था।