सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई (CBSE) को निर्देश दिया है कि वह 12वीं कक्षा की इम्प्रूवमेंट परीक्षा के परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया में तेजी लाए, ताकि विदेशों, विशेष रूप से पश्चिम एशिया के देशों में उच्च शिक्षा के लिए आवेदन करने वाले छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
न्यायमूर्ति मनमोहन और न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई की पीठ ने एक छात्र की याचिका पर सुनवाई करते हुए बोर्ड से कहा कि वह जल्द से जल्द कोई प्रभावी व्यवस्था तैयार करे और शुक्रवार तक इस संबंध में अपनी कार्ययोजना अदालत के समक्ष प्रस्तुत करे। अदालत ने स्पष्ट किया कि छात्रों के भविष्य को प्रभावित करने वाली इस समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।
छात्र ने रिजल्ट में देरी पर जताई चिंता
मामला सऊदी अरब में रहने वाले एक छात्र से जुड़ा है, जिसने अदालत में याचिका दाखिल कर सीबीएसई को अपनी इम्प्रूवमेंट परीक्षा का परिणाम जारी करने का निर्देश देने की मांग की थी। छात्र का कहना है कि उसने विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए आवेदन कर रखा है, लेकिन परिणाम घोषित न होने के कारण उसकी एडमिशन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
सुनवाई के दौरान सीबीएसई की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया, लेकिन अदालत ने यह अनुरोध स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 12 जून को तय करते हुए बोर्ड को समाधान के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए।
रिजल्ट स्टेटस को लेकर भी उठे सवाल
याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि उसके परिणाम की स्थिति बिना किसी स्पष्ट कारण के "RL (Result Later)" दिखाई जा रही है। उसने दावा किया कि इस संबंध में कई बार बोर्ड से संपर्क किया गया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
मूल्यांकन और विशेष परीक्षा की मांग
याचिका में कहा गया है कि युद्ध प्रभावित क्षेत्रों के छात्रों के लिए सरकार द्वारा जारी मूल्यांकन योजना के तहत रद्द हुई परीक्षाओं के अंक तिमाही, छमाही और प्री-बोर्ड परीक्षाओं के प्रदर्शन के आधार पर तय किए जाने थे। छात्र ने मांग की कि या तो उसी योजना के अनुसार उसका मूल्यांकन किया जाए या फिर उसे विशेष परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाए।
हालांकि, छात्र का आरोप है कि कई बार अनुरोध भेजने के बावजूद उसकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उसे न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले में सीबीएसई की ओर से पेश किए जाने वाले समाधान का इंतजार कर रहा है।