मुजफ्फरनगर: BJP के MP-MLA ने खाप प्रमुखों से की मुलाकात, शामली में तीन चौधरी बोले- पहले इस्तीफा देकर आओ

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की सक्रियता और कृषि कानूनों को लेकर किसानों में नाराजगी ने भारतीय जनता पार्टी की चिंता बढ़ा दी है। रविवार को शामली में खाप कालखंडे, बुड़ियान खाप, गठवाला खाप के चौधरियों ने केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान व अन्य नेताओं से मिलने से मना कर दिया। चौधरियों ने मुलाकात के लिए पहुंचे BJP नेताओं को यह कहकर लौटा दिया कि पहले इस्तीफा देकर आओ।

इससे पहले शनिवार की शाम केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, मंत्री भूपेंद्र चौधरी, पश्चिमी UP के क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल और विधायक उमेश मलिक ने शाहजुडड़ी गांव में देशवाल खाप के चौधरी राजेंद्र सिंह और फिर बुढाना में सर्वखाप मंत्री सुभाष बालियान से उनके आवासों पर मुलाकात की थी। हालांकि कृषि कानूनों पर कोई बात नहीं हुई थी।

दरअसल, पिछले दिनों गृहमंत्री अमित शाह और BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पश्चिमी UP के नेताओं के साथ बैठक की थी। जिसमें आदेश दिया गया था कि नेता-मंत्री खाप चौधरियों के पास जाएं। उनसे मिलकर कृषि कानूनों के फायदे बताकर उनकी नाराजगी को दूर करें।

पद छोड़कर पार्टी से दें इस्तीफा, तभी होगी मुलाकात

खाप चौधरी सचिन जावला और संजय कालखंडे ने कहा कि हमारे पास BJP नेताओं से मिलने का समय नहीं है। हम लोग गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे धरने में शामिल नेताओं के साथ हैं। BJP नेताओं को अगर हमसे मिलना है तो वह लोग अपने पद और पार्टी से त्यागपत्र देकर मिलें। धरना स्थल आकर हमारा समर्थन करें। हम लोग पूर्ण रूप से गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे धरने के साथ हैं।

खाप प्रमुखों ने कहा कि हम लोग किसानों के बाबा हैं। किसानों ने हमें अपनी जिम्मेदारियां दी हैं। हम कोई आतंकवादी नहीं है। हमसे मिलकर अब BJP नेता क्या करना चाहते हैं? हमारे पास अब BJP नेताओं से मिलने का समय नहीं है।

खाप मंत्री सुभाष बालियान बोले- आशीर्वाद लिया पर कोई बात नहीं

केंद्रीय मंत्री डॉ संजीव बालियान ने शनिवार की शाम मुजफ्फरनगर में देशवाल खाप के चौधरी राजेंद्र सिंह से बातचीत करने के दौरान उनका आशीर्वाद लिया। वहीं किसानों से बातचीत के बाद वह बुढाना स्थित सर्व खाप मंत्री सुभाष बालियान के आवास पर पहुंचे थे और कमरे में बैठकर बातचीत की। खाप मंत्री सुभाष बालियान का कहना था कि अचानक मंत्री और विधायक घर आए। हालांकि किसी मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं की गई है। चौधरी किसान आंदोलन के साथ खड़े हुए हैं और खड़े रहेंगे।

किसान आंदोलन अब राजनीतिक एजेंडा बना

वहीं, कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने किसान आंदोलन को राजनीति बताते हुए जमकर विपक्षी दलों पर निशाना साधा और कहा कि हम अपने परिवार के बीच मिलने के लिए पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि यह हमारा घर है। हमेशा आते रहे हैं। आज मुजफ्फरनगर था तो इसलिए मिलने चला आ गया। कोई नया नहीं है। पार्टी की मीटिंग के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। खाप हमारी व्यवस्था का हिस्सा है।

जब मंत्री भूपेंद्र चौधरी से पूछा गया कि किसान आंदोलन को किस नजरिए से देखते हैं तो उन्होंने जवाब दिया कि मेरा निजी मत है कि यह अब किसानों का आंदोलन नहीं बल्कि राजनीति घुस गई है। अब किसानों का एजेंडा नहीं है राजनीतिक एजेंडा चल रहा है। सब किसान हैं। सबके प्रति सम्मान है। भारत सरकार 11-12 बार वार्ता की है। प्रधानमंत्री, कृषि मंत्री ने निवेदन किया है कि वार्ता से हल निकलेगा। किसान भी आगे चलकर आएंगे। बहुत जल्द समाधान निकलेगा। राजनीतिक हित के तहत किसानों के कंधे पर बंदूकर रखकर महापंचायत कर रहे हैं।

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