हरियाणा कांग्रेस के सस्पेंड पांचों विधायक बने बीजेपी के खास मेहमान, बढ़ी राजनीतिक चर्चा

चंडीगढ़। हरियाणा में स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुक्रवार से शुरू हो रही नौ परियोजनाओं के जिला स्तरीय कार्यक्रमों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा सरकार ने इन कार्यक्रमों के लिए जिन अतिथियों की सूची तैयार की है, उसमें निलंबित कांग्रेस के पांच विधायकों को भी शामिल किया गया है, जिन्हें पहले राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के आरोप में पार्टी से सस्पेंड किया जा चुका है।
इन विधायकों में नारायणगढ़ की शैली चौधरी, रतिया के जरनैल सिंह, सढ़ौरा की रेणुबाला, पुन्हाना के मोहम्मद इलियास और हथीन के मोहम्मद इसराइल का नाम शामिल है। इन सभी पर पहले कांग्रेस द्वारा क्रॉस वोटिंग के आरोप लगाए गए थे।
सरकारी कार्यक्रमों में बने ‘विशेष अतिथि’
स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों के अनुसार, इन विधायकों को संबंधित जिलों में होने वाले कार्यक्रमों में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। मुख्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम पंचकूला में आयोजित होगा, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव मौजूद रहेंगी। इसी कार्यक्रम के साथ जिलों में भी अलग-अलग आयोजन होंगे, जहां नई योजनाओं का शुभारंभ और शिलान्यास किया जाएगा।
सरकारी आदेश के मुताबिक, हर जिले में होने वाले कार्यक्रमों में एक मुख्य अतिथि के साथ-साथ संबंधित विधानसभा क्षेत्र के विधायक या अन्य स्थानीय नेता को विशेष अतिथि के रूप में शामिल किया जाएगा।
अलग-अलग जिलों में आमंत्रण
अंबाला में होने वाले कार्यक्रम में परिवहन एवं बिजली मंत्री अनिल विज मुख्य अतिथि होंगे, जबकि नारायणगढ़ की विधायक शैली चौधरी को भी आमंत्रित किया गया है।
फतेहाबाद में समाज कल्याण मंत्री कृष्ण कुमार बेदी की अध्यक्षता वाले कार्यक्रम में रतिया विधायक जरनैल सिंह को बुलाया गया है।
नूंह में भाजपा सांसद संजय भाटिया कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे, जहां पुन्हाना के विधायक मोहम्मद इलियास को विशेष अतिथि बनाया गया है।
यमुनानगर में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा मुख्य अतिथि होंगे, जबकि सढ़ौरा की विधायक रेणुबाला को आमंत्रित किया गया है।
पलवल में खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम के नेतृत्व वाले कार्यक्रम में हथीन विधायक मोहम्मद इसराइल शामिल होंगे।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सहमति के बाद यह सूची जारी की गई है। इसे लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं, क्योंकि आमतौर पर सरकारी कार्यक्रमों में सत्ताधारी दल के नेताओं को ही प्रमुखता दी जाती है।
इन विधायकों को सरकारी मंच पर विशेष स्थान दिए जाने को लेकर इसे एक राजनीतिक संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे विपक्षी खेमे में असहजता बढ़ सकती है, जबकि इन विधायकों और सत्ता पक्ष के बीच नजदीकियों को लेकर चर्चाओं को और बल मिलेगा।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.