कर्नाटक: विभाग आवंटन से नाराज मंत्री रामलिंगा रेड्डी का इस्तीफा

कर्नाटक सरकार में विभागों के बंटवारे के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। वरिष्ठ मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने आवंटित विभाग से असंतुष्टि जताते हुए मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्हें जल संसाधन विभाग (Water Resources) दिए जाने पर नाराजगी थी, जिसे वह स्वीकार नहीं कर सके।
हालांकि, इस्तीफे के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि वह कांग्रेस पार्टी में बने रहेंगे और विधायक के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे।
“मैं कांग्रेस नहीं छोड़ रहा”: रामलिंगा रेड्डी
इस्तीफे के बाद रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि उन्होंने केवल मंत्री पद छोड़ा है, पार्टी नहीं। उन्होंने कहा, “मैं अपनी अंतरात्मा के खिलाफ काम नहीं कर सकता, इसलिए मंत्री पद से इस्तीफा दिया है।”
उन्होंने यह भी कहा कि वह पिछले पांच दशकों से कांग्रेस से जुड़े हैं और पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा हमेशा बनी रहेगी। रेड्डी ने याद दिलाया कि वह पहले भी कई सरकारों में मंत्री रह चुके हैं और संगठन तथा प्रशासन दोनों स्तर पर काम किया है।
विभाग बंटवारे के बाद बढ़ी नाराजगी
गुरुवार रात मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने 13 मंत्रियों के बीच विभागों का आवंटन किया था। इस दौरान रामलिंगा रेड्डी को जल संसाधन विभाग दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, रेड्डी बेंगलुरु विकास विभाग की जिम्मेदारी चाहते थे और लंबे समय से इस विभाग को लेकर उनकी अपेक्षा बनी हुई थी।
बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान उन्होंने अपनी असहमति भी जताई थी और बीच में बैठक छोड़कर बाहर चले गए थे। उन्होंने वर्ष 2023 के उस कथित आश्वासन का भी हवाला दिया, जिसमें भविष्य में विभाग देने की बात कही गई थी।
कांग्रेस नेतृत्व की प्रतिक्रिया
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा कि रामलिंगा रेड्डी पार्टी के वरिष्ठ और सम्मानित नेता हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि कांग्रेस नेतृत्व इस मुद्दे का समाधान बातचीत के जरिए निकाल लेगा।
खरगे ने कहा कि पार्टी में मतभेदों को बातचीत से सुलझाने की परंपरा रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
किसे कौन सा विभाग मिला (संक्षेप में)
हाल ही में हुए विभाग आवंटन में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को वित्त और गृह सहित कई अहम विभाग मिले, जबकि अन्य मंत्रियों को उनके क्षेत्रों के अनुसार जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
रामलिंगा रेड्डी को जल संसाधन विभाग दिया गया था, जिसे लेकर ही विवाद और इस्तीफे की स्थिति बनी।
बेंगलुरु विकास विभाग बना विवाद की वजह
सूत्रों के मुताबिक, रामलिंगा रेड्डी लंबे समय से बेंगलुरु विकास विभाग की मांग कर रहे थे। लेकिन यह विभाग कृष्णा बायरे गौड़ा को दे दिया गया, जिसके बाद असंतोष और बढ़ गया।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.