अमृतसर पुलिस की जांच में शामिल हुई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अर्चना मकवाना

अमृतसर के गोल्डन टेंपल में योग कर विवादों में आई गुजरात की युवती अर्चना मकवाना के मामले में नया अपडेट आया है। अमृतसर पुलिस ने अर्चना के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने का केस दर्ज किया था और उसे जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया था। अब इस मामले में अर्चना मकवाना पुलिस की जांच में शामिल हो गई है।

पुलिस की तरफ कहा गया कि युवती ने ऑनलाइन ही इन्वेस्टिगेशन ज्वाइन की है। अभी मामले की जांच जारी है। अगर युवती पुलिस जांच में शामिल नहीं होती तो उसके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया जाना था, लेकिन इससे पहले ही युवती ऑनलाइन जांच शामिल हो गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में अगर आरोपी जांच में शामिल न होता है तो उसकी गिरफ्तारी के बाद उसे कानून के तहत कम से कम 7 साल की सजा का प्रावधान है। 

बता दें कि इसी साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के दिन गुजरात के वडोदरा निवासी युवती अर्चना मकवाना ने श्री हरिमंदिर साहिब में योग किया था, जिसकी उसने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुछ फोटो और वीडियो भी शेयर किए थे। सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल होने के बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने ऐतराज जताया था। इसके बाद श्री हरिमंदिर साहिब अब लाइफस्टाइल व सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अर्चना मकवाना के खिलाफ अमृतसर के कोतवाली थाना पुलिस ने धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में आईपीसी की धारा 295-ए के तहत एफआईआर दर्ज की है। युवती के खिलाफ गोल्डन टेंपल के मैनेजर भगवंत सिंह ने पुलिस को शिकायत दी थी। 

एसजीपीसी ने दिए थे जांच के आदेश
एसजीपीसी ने इस बात की जांच के आदेश दिए हैं कि जब परिसर में योग करते समय फोटो खींचे जा रहे थे तो एसजीपीसी की टास्क फोर्स ने उसे रोका क्यों नहीं, उस समय ड्यूटी कर रहे 3 कर्मचारियों को ड्यूटी से हटा दिया गया और दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया था। इसके साथ ही एक कर्मचारी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाने के साथ ही उसका तबादल गुरुद्वारा गढ़ी साहिब (गुरदासनंगल) कर दिया गया है। 

ऐसी गलती फिर नहीं होगी 
पेशे से फैशन डिजाइनर गुजरात के वडोदरा निवासी युवती अर्चना ने विरोध का पता चलने पर 22 जून को सोशल मीडिया पर ही माफी मांग ली और फोटो भी हटा दिए। अर्चना ने लिखा-मेरा इरादा किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। अगर ऐसा हुआ है तो सभी से माफी मांगती हूं। मैं इस बात से अंजान थी कि श्री हरिमंदिर साहिब में योग करना अपराध समतुल्य है। मैं भविष्य में किसी भी धार्मिक स्थल में ऐसी गलती नहीं करूंगी।

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