रोहतास। बिहार की राजनीति के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद राम प्रसाद कुशवाहा का लंबी बीमारी के बाद रविवार देर रात निधन हो गया। उन्होंने कोचस स्थित अपने आवास पर 85 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उनके आवास पर उमड़ पड़ी।
मुखिया से सांसद तक का सफर
राम प्रसाद कुशवाहा ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत कोचस पंचायत के मुखिया के रूप में की थी। इसके बाद वे लगातार राजनीति में सक्रिय रहे और 1989 व 1991 में जनता दल के टिकट पर बिक्रमगंज लोकसभा सीट से सांसद चुने गए।
1999 में उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्याशी के रूप में आरा लोकसभा क्षेत्र से भी जीत दर्ज की। इसके अलावा वे बिहार विधान परिषद के सदस्य भी रहे।
सादगी और समाजसेवा के लिए जाने जाते थे
स्थानीय लोगों के अनुसार, राम प्रसाद कुशवाहा एक सादगीपूर्ण जीवन जीने वाले समाजवादी विचारधारा के नेता थे। वे लोहियावादी विचारधारा से प्रभावित थे और हमेशा वंचित वर्गों की आवाज उठाते रहे।
राजनीति से पहले वे शिक्षा क्षेत्र से भी जुड़े रहे और मध्य विद्यालय दिनारा में शिक्षक के रूप में कार्य कर चुके थे।
परिजनों और समर्थकों में शोक
परिजनों के अनुसार, वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और रविवार रात लगभग सात बजे उनका निधन हुआ। उनके पुत्र रविंद्र कुमार सिन्हा और भतीजे रामप्रवेश कुशवाहा ने निधन की पुष्टि की।
उनके निधन की सूचना मिलते ही समर्थकों और स्थानीय लोगों का उनके आवास पर तांता लग गया। पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
राजनीतिक नेताओं ने जताया शोक
मुख्यमंत्री ने भी पूर्व सांसद के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि राम प्रसाद कुशवाहा ने अपने राजनीतिक जीवन में हमेशा समाज के वंचित, दलित और पिछड़े वर्गों की आवाज को मजबूती से उठाया।
सीएम ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।