नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने अपने कर्मचारियों को निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक नई योजना शुरू की है। इस योजना के तहत जो कर्मचारी मेट्रो, बस या अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का उपयोग कॉमन मोबिलिटी कार्ड (सीएमसी) के माध्यम से करेंगे, उन्हें परिवहन भत्ते पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा।
वित्त विभाग द्वारा मंगलवार को जारी आदेश के अनुसार, इस योजना का मकसद सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देना, निजी वाहनों पर निर्भरता कम करना, ईंधन की बचत करना और प्रदूषण में कमी लाना है। सरकार का मानना है कि इससे शहर में ट्रैफिक दबाव और वायु प्रदूषण दोनों में राहत मिलेगी।
योजना पूरी तरह स्वैच्छिक होगी, यानी कर्मचारी इसमें शामिल होने के लिए बाध्य नहीं होंगे और चाहें तो पहले की तरह सामान्य परिवहन भत्ता प्राप्त कर सकते हैं।
योजना के तहत शामिल होने वाले कर्मचारियों को डीटीसी द्वारा कॉमन मोबिलिटी कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। उनके मासिक परिवहन भत्ते (महंगाई भत्ते को छोड़कर) का 25 प्रतिशत हिस्सा सीधे इस कार्ड में रिचार्ज किया जाएगा। यदि कर्मचारी इस राशि का उपयोग सार्वजनिक परिवहन में करते हैं, तो उन्हें 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। शेष 75 प्रतिशत परिवहन भत्ता और प्रोत्साहन राशि वेतन के साथ जारी की जाएगी।
सरकार ने इस योजना को फिलहाल छह महीने के पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया है। इसके बाद इसके प्रभाव का आकलन कर आगे निर्णय लिया जाएगा।
इस योजना का लाभ दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों के साथ-साथ स्वायत्त निकायों, स्थानीय निकायों, बोर्डों, निगमों और अनुदान प्राप्त संस्थानों के कर्मचारियों को भी नियमों के अनुसार मिलेगा।
इसके अलावा, दिल्ली सरकार पहले से ही आम नागरिकों को कॉमन मोबिलिटी कार्ड के जरिए मेट्रो और डीटीसी बस किराए में 10 प्रतिशत छूट दे रही है। अब इसी व्यवस्था को कर्मचारियों के लिए और अधिक लाभकारी बनाया गया है।