कुरुक्षेत्र: जिले के तीन युवकों को विदेश में नौकरी का झांसा देकर धोखे से उज्बेकिस्तान ले जाया गया, जहां उन्हें एयरपोर्ट पर दो अज्ञात व्यक्तियों ने पकड़कर एक कमरे में बंद कर दिया और हाथ-पैर बांध दिए। उनके परिवार को व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर युवकों को पीटते हुए दिखाया गया, जिससे परिवार में डर और हड़कंप मच गया।
घटना में आरोप है कि यह पूरी साजिश भारतीय एजेंटों और उज्बेकिस्तान में उनके सहयोगियों की मिलीभगत से रची गई थी। बाद में, एजेंटों ने 45 लाख रुपये रंगदारी वसूलने के बाद युवकों को सुरक्षित घर भेजा।
परिवार ने दी गंभीर शिकायत
बंधक बनाए गए युवकों में से मोहनलाल के पिता सुनील ने बताया कि उज्बेकिस्तान से बाबा खान नामक व्यक्ति ने फोन कर 45 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। उसने दावा किया कि उसने युवकों को प्रेम सैनी, अकरम खान और अली खान से खरीदा है। डर के मारे परिवार ने कुल 45 लाख रुपये देकर युवकों की रिहाई सुनिश्चित की। रंगदारी मिलने के बाद 21 फरवरी को युवकों की वापसी की टिकटें भेजी गईं और अगले दिन वे सुरक्षित अपने घर लौट आए।
पीड़ितों में शामिल मनदीप, बहादुर सिंह और मोहनलाल के पिता सोमप्रकाश, सुनील कुमार और कुलदीप सिंह ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि एजेंटों ने युवकों के साथ धोखाधड़ी, अपहरण, मारपीट और फिरौती की, और उन्होंने सख्त कानूनी कार्रवाई और रुपयों की वापसी की मांग की।