श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बीच सालभर निर्बाध सड़क संपर्क सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को जोजी-ला सुरंग परियोजना के अंतिम ब्रेकथ्रू का उद्घाटन किया। इस मौके पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी मौजूद रहे।

जोजी-ला दर्रे के नीचे बन रही यह सुरंग राष्ट्रीय राजमार्ग-1 पर स्थित है और इसकी कुल लंबाई 13.153 किलोमीटर है। अंतिम ब्रेकथ्रू के साथ परियोजना ने निर्माण के एक महत्वपूर्ण चरण को पार कर लिया है। इसके पूरा होने के बाद लद्दाख को पूरे वर्ष सड़क संपर्क उपलब्ध रहेगा, जबकि अभी सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण यह क्षेत्र कई महीनों तक देश के अन्य हिस्सों से कट जाता है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि यह परियोजना न केवल श्रीनगर और लेह के बीच यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार और रणनीतिक गतिविधियों को भी नई गति देगी। उन्होंने कहा कि हर मौसम में उपलब्ध रहने वाला यह मार्ग सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास में अहम भूमिका निभाएगा।

करीब 11,578 फीट की ऊंचाई पर निर्माणाधीन यह सुरंग दुनिया की सबसे ऊंची सिंगल-ट्यूब, दोतरफा सड़क सुरंगों में शामिल होगी। परियोजना का निर्माण न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (NATM) के जरिए किया जा रहा है। यह सुरंग हिमस्खलन प्रभावित जोजी-ला दर्रे का विकल्प बनेगी, जो हर साल बर्फबारी के दौरान लंबे समय तक बंद रहता है।

परियोजना पूरी होने के बाद श्रीनगर और लेह के बीच इस मार्ग पर यात्रा का समय करीब तीन घंटे से घटकर मात्र 15 मिनट रह जाएगा। इससे स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी, माल ढुलाई तेज होगी और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही सीमावर्ती इलाकों में तैनात सुरक्षा बलों के लिए रसद पहुंचाने की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी हो सकेगी।

जोजी-ला सुरंग को लद्दाख के लिए एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना माना जा रहा है, जो क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और सामरिक महत्व को और मजबूत करेगी।