राजस्थान में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बार फिर चिंताजनक स्थिति सामने आई है। कोटा में हाल ही में प्रसूताओं की मौत और संक्रमण के मामलों के बाद अब बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद छह महिलाओं की हालत गंभीर होने का मामला सामने आया है। सभी मरीजों को आईसीयू में भर्ती कर डायलिसिस पर रखा गया है।

जानकारी के मुताबिक, 20 से 27 वर्ष की आयु वाली इन महिलाओं की सी-सेक्शन सर्जरी के बाद अचानक स्वास्थ्य में तेज गिरावट देखी गई। इनमें किडनी से जुड़ी गंभीर समस्या, प्लेटलेट्स का गिरना, यूरिन रुक जाना और कई अंगों के कामकाज में गड़बड़ी जैसे लक्षण सामने आए। फलौदी की रहने वाली प्रीति सहित सभी मरीजों का इलाज पीबीएम अस्पताल के आईसीयू में जारी है।

मामले के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ऑपरेशन के बाद मरीजों की हालत बिगड़ती चली गई, लेकिन समय रहते उचित इलाज या निगरानी नहीं की गई। इसको लेकर अस्पताल परिसर में आक्रोश का माहौल भी देखने को मिला।

वहीं अस्पताल प्रशासन ने शुरुआती तौर पर संक्रमण को अकेला कारण मानने से इनकार किया है। अधिकारियों के अनुसार, यह स्थिति अत्यधिक रक्तस्राव, मल्टी ऑर्गन डिस्फंक्शन सिंड्रोम या अन्य चिकित्सकीय जटिलताओं की वजह से भी हो सकती है। फिलहाल विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

इस घटना ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों ने पीने के पानी की कमी, वार्डों में खराब एसी-कूलर और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी समस्याओं को लेकर भी नाराजगी जताई है। एक साथ कई प्रसूताओं की हालत बिगड़ने से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मरीजों की हालत बिगड़ने के पीछे संक्रमण, मेडिकल जटिलताएं या किसी स्तर पर हुई लापरवाही जिम्मेदार है।