जयपुर। खोह नागोरियान इलाके में मंगलवार को एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके और आगजनी में 8 लोगों की मौत हो गई। यह फैक्ट्री मात्र 55 वर्ग गज के मकान में संचालित की जा रही थी, जहां करीब 50 किलो बारूद रखा हुआ था।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि पूरा इलाका दहल उठा और आसपास के मकानों में भी कंपन महसूस किया गया। आग लगने के बाद पटाखे और बारूद तेजी से भड़क उठे, जिससे मकान की दीवारें और फर्श तक बुरी तरह जलकर काले पड़ गए।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट या किसी ज्वलनशील चिंगारी को माना जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

बताया जा रहा है कि यह अवैध फैक्ट्री दिल्ली निवासी फिरोज द्वारा संचालित की जा रही थी। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इलाके में इसी तरह की कई अन्य अवैध पटाखा फैक्ट्रियां भी चल रही हैं, जिनमें न तो लाइसेंस है और न ही सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है।

घटना स्थल एक घनी आबादी वाला क्षेत्र है, जहां करीब 150 मकानों में 600 से अधिक लोग रहते हैं। हादसे के बाद इलाके में दहशत फैल गई और लोग घरों से बाहर निकल आए।

स्थानीय लोगों ने बताया कि फैक्ट्री में बड़े पैमाने पर पटाखे बनाए और पैक किए जाते थे। यहां काम करने वाले मजदूर भी इसी परिसर में रहते और खाना बनाते थे। मौके से एक गैस सिलेंडर भी बरामद होने की बात सामने आई है, जिससे विस्फोट की तीव्रता और बढ़ गई।

धमाके के बाद आग की लपटें इतनी ऊंची उठीं कि दूर से भी धुआं और आग दिखाई दे रही थी। कुछ मजदूर आग की चपेट में आकर बाहर भागने में सफल रहे, जबकि कई अंदर ही फंस गए।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इलाके में कई अवैध पटाखा फैक्ट्रियां बिना रोक-टोक के चल रही हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।