गाजियाबाद के शालीमार गार्डन थाना क्षेत्र में 7 जून की देर रात हुए सड़क हादसे को लेकर नया खुलासा सामने आया है। शुरुआत में जहां इसे डिवाइडर से टक्कर का मामला माना जा रहा था, वहीं सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद स्पष्ट हुआ कि हादसे की वजह सड़क पर हाल ही में बनाया गया स्पीड ब्रेकर था। इस दुर्घटना में टीलामोड़ के भोपुरा निवासी राहुल कुमार (34) की मौत हो गई थी।

पुलिस जांच में सामने आया है कि हादसे से ठीक एक दिन पहले ही यह ब्रेकर बनाया गया था और उस पर पेंट भी नहीं किया गया था, जिससे वह रात के समय ठीक से दिखाई नहीं दे रहा था।

रात में खाना लेने निकले थे राहुल

जानकारी के अनुसार, राहुल कुमार हिंडन एयरबेस में ठेका आधारित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे। रविवार देर रात लगभग 12 बजे वह खाना लेने के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान आरएम ब्लॉक सोसायटी के सामने उनकी बाइक नए बने ब्रेकर से टकरा गई, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर करीब 50 मीटर दूर जाकर गिरा और वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने परिजनों को सूचना दी।

CCTV फुटेज से हुआ खुलासा

शुरुआत में पुलिस ने इसे सामान्य सड़क दुर्घटना मानते हुए डिवाइडर से टक्कर की आशंका जताई थी, लेकिन बाद में सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर साफ हुआ कि बाइक नए बने स्पीड ब्रेकर पर चढ़ने के बाद अनियंत्रित हुई थी।

मृतक राहुल की शादी करीब 16 वर्ष पहले हुई थी और उनके दो बच्चे हैं। हादसे के बाद परिवार में शोक का माहौल है।

ब्रेकर निर्माण पर विवाद

मामले में ब्रेकर के निर्माण को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि इसे सोसायटी आरडब्ल्यूए ने बनवाया था। वहीं आरडब्ल्यूए सचिव धनंजय कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि यह ब्रेकर स्थानीय दुर्घटनाओं को देखते हुए नगर निगम और पुलिस के पत्राचार के बाद बनाया गया था।

पेंट न होने से बढ़ा हादसे का खतरा

जांच में यह भी सामने आया है कि ब्रेकर बनने के तुरंत बाद उस पर पेंट नहीं किया गया था, क्योंकि वह पूरी तरह सूखा नहीं था। ऐसे में रात के समय उसकी दृश्यता बेहद कम थी, जिससे हादसे की आशंका और बढ़ गई।

पुलिस की कार्रवाई जारी

पुलिस ने बताया कि परिजनों की तहरीर प्राप्त हो चुकी है और मामले की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।