मेरठ: नौतपा की भीषण गर्मी के बीच शहर में लगातार हो रही बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई इलाकों में ट्रांसफार्मर फुंकने, केबल जलने और ओवरलोडिंग के कारण घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इससे हजारों लोग उमस और गर्मी से परेशान रहे।
कलक्ट्रेट परिसर, माधवपुरम और ऊंचा सद्दीकनगर समेत कई क्षेत्रों में ट्रांसफार्मरों में खराबी आने से सप्लाई प्रभावित हुई। कलक्ट्रेट परिसर में एनआईसी कार्यालय के बाहर लगे ट्रांसफार्मर में अचानक आग लग गई। उस समय परिसर में अधिकारियों की बैठक चल रही थी। सूचना मिलने पर दमकल विभाग मौके पर पहुंचा और आग पर काबू पाया, जिसके बाद बिजली विभाग की टीम मरम्मत कार्य में जुट गई।
माधवपुरम की सरस्वती लोक कॉलोनी में ट्रांसफार्मर खराब होने से करीब 15 घंटे तक बिजली गुल रही। देर दोपहर नया ट्रांसफार्मर लगाए जाने के बाद आपूर्ति बहाल हो सकी। वहीं कई कॉलोनियों में केबल जलने से लोगों को पूरी रात बिना बिजली के गुजारनी पड़ी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या के कारण एसी, कूलर और पंखे ठीक से नहीं चल पा रहे हैं। कई इलाकों में बिजली उपकरण खराब होने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
शहर के ब्रह्मपुरी, टीपीनगर, जागृति विहार, शास्त्रीनगर, नौचंदी, जनकपुरी और दामोदर कॉलोनी जैसे इलाकों में दिनभर रुक-रुक कर बिजली कटौती होती रही। इससे करीब 20 हजार से अधिक आबादी प्रभावित रही।
कचहरी क्षेत्र में भी बिजली आपूर्ति बाधित होने से न्यायिक कार्य प्रभावित हुए। प्याऊ चौपला के पास बिजली तारों में आग लगने के बाद कई घंटों तक सप्लाई बहाल नहीं हो सकी, जिससे अधिवक्ताओं और कर्मचारियों को परेशानी उठानी पड़ी।
गंगानगर और इंचौली क्षेत्र में भी हालात खराब रहे। कई मोहल्लों में पूरी रात बिजली गुल रहने से लोगों को पानी की समस्या का भी सामना करना पड़ा। इंचौली में केबल जलने से करीब 24 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे व्यापारियों और डेयरी संचालकों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।
व्यापारियों का कहना है कि बिजली न होने के कारण दूध, मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री खराब हो गई। वहीं बिजली विभाग का कहना है कि ओवरलोडिंग और केबल फॉल्ट के चलते समस्या आई थी, जिसे ठीक करने के प्रयास लगातार जारी हैं।
मुख्य अभियंताओं ने दावा किया है कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था सामान्य करने के लिए अतिरिक्त टीमें लगाई गई हैं और जल्द स्थिति सुधारने की कोशिश की जा रही है।