मुजफ्फरनगर। शराब बिक्री में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और ओवररेटिंग पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से आबकारी विभाग ने खतौली क्षेत्र में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान विभिन्न शराब दुकानों की व्यवस्थाओं, स्टॉक और बिक्री प्रक्रिया की विस्तृत जांच की गई।

जिला आबकारी अधिकारी के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने देशी शराब, कम्पोजिट शॉप और मॉडल शॉप का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान दुकानों पर उपलब्ध शराब के स्टॉक का मिलान किया गया, साथ ही बार कोड और क्यूआर कोड को विभागीय एप्लीकेशन के माध्यम से सत्यापित किया गया।


निरीक्षण टीम ने खतौली के बुढ़ाना मोड़ स्थित देशी शराब दुकान, घंटाघर क्षेत्र की दुकान, कम्पोजिट शॉप, हौली चौक के पास स्थित विक्रय केंद्र और गंगनहर क्षेत्र की मॉडल शॉप का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड, पीओएस मशीनों के उपयोग और सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता की भी समीक्षा की।

जांच के दौरान सभी दुकानों का स्टॉक अभिलेखों के अनुरूप पाया गया। कहीं भी अवैध या संदिग्ध शराब नहीं मिली। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद ग्राहकों से भी बातचीत की और शराब की गुणवत्ता तथा निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली को लेकर जानकारी ली। उपभोक्ताओं ने किसी प्रकार की शिकायत नहीं की।

इसके अलावा लाइसेंस, स्टॉक रजिस्टर, रेट लिस्ट, साइन बोर्ड और टोल फ्री नंबर के प्रदर्शन की भी जांच की गई। विभाग ने यह सुनिश्चित किया कि सभी आवश्यक नियमों का पालन किया जा रहा है।

निरीक्षण के बाद आबकारी अधिकारियों ने दुकान संचालकों को निर्देश दिए कि शराब की बिक्री और स्टॉक प्रबंधन पूरी तरह पीओएस मशीन के माध्यम से किया जाए। साथ ही निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली न करने और सभी अनुमोदित ब्रांड ग्राहकों को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

आबकारी विभाग का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे, ताकि शराब बिक्री व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।