मुजफ्फरनगर। चरथावल थाना क्षेत्र में रविवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर डेयरी उत्पादों में मिलावट की शिकायतों पर बड़ा अभियान चलाया। सहारनपुर मंडल के अपर आयुक्त रमेश यादव और एसडीएम सदर प्रवीण द्विवेदी के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई से डेयरी कारोबारियों में हड़कंप मच गया।

लगातार मिल रही शिकायतों पर हुई कार्रवाई

विभाग को लंबे समय से क्षेत्र में मावा, पनीर, दूध और अन्य डेयरी उत्पादों में मिलावट की शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर विशेष जांच अभियान चलाया गया।


कई डेयरी प्रतिष्ठानों पर छापेमारी

अभियान के तहत टीम ने सबसे पहले ग्राम चौकड़ा में मेहताब डेयरी की जांच की, जहां मिश्रित दूध का नमूना लेकर प्रयोगशाला भेजा गया।

इसके बाद टीम ग्राम कुटेसरा पहुंची, जहां अब्दुल रहमान के प्रतिष्ठान पर जांच की गई। यहां से रिफाइंड पामोलिन ऑयल का नमूना लिया गया। लगभग 15 किलो तेल मौके पर मिला, जिसके पनीर निर्माण में उपयोग होने की आशंका जताई गई। यह तेल अस्वच्छ स्थिति में रखा पाया गया, जिसे मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।

मकान में मिला भारी मात्रा में मावा

कुटेसरा में ही ओसाफ त्यागी के प्रतिष्ठान पर भी छापेमारी की गई, जहां से पनीर, खोया, दही, घी और सप्रेटा दूध के नमूने लिए गए। सभी सैंपलों को सील कर जांच के लिए लैब भेजा गया।

इसी दौरान नकली मावा तैयार किए जाने की सूचना पर टीम ने एक मकान पर छापा मारा। अधिकारियों के पहुंचते ही मकान मालिक ने खुद को अंदर बंद कर लिया। काफी देर तक दरवाजा न खोलने पर प्रशासन ने ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां भारी मात्रा में फ्रीज किया हुआ मावा मिला, जिसकी जांच जारी है।

सात नमूने लिए गए, रिपोर्ट का इंतजार

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार पूरे अभियान में कुल सात नमूने लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

क्षेत्र में हलचल, लोगों ने सराहा अभियान

अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे चरथावल क्षेत्र में डेयरी कारोबारियों में हलचल मच गई। वहीं स्थानीय लोगों ने खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन की इस पहल की सराहना की। अभियान में खाद्य सुरक्षा अधिकारी वैभव शर्मा, पूनम कुमारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।