मुजफ्फरनगर के चर्चित विकसित उर्फ रॉकी हत्याकांड की जांच अब वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है। मामले में शव की पहचान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने डीएनए परीक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी है, क्योंकि हत्या के बाद से मृतक का सिर अभी तक बरामद नहीं हो सका है।

इसी क्रम में सिखेड़ा थाना पुलिस ने मृतक की मां बबली को जिला अस्पताल बुलाकर उनका ब्लड सैंपल लिया। सभी जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद नमूना सुरक्षित किया गया, जिसे अब फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। इस डीएनए सैंपल का मिलान बरामद शव से प्राप्त प्रोफाइल से कराया जाएगा, ताकि पहचान को लेकर किसी भी तरह की शंका समाप्त हो सके।
पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम के दौरान सुरक्षित रखा गया बिसरा भी जांच के लिए भेजा गया है। थाना प्रभारी विजय कुमार ने बताया कि मां का सैंपल और बिसरा दोनों को फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) निवाड़ी, मोदीनगर (गाजियाबाद) भेजा गया है, जहां इनकी डीएनए प्रोफाइलिंग और अन्य वैज्ञानिक परीक्षण किए जाएंगे।
जांच में पुलिस पहले ही एक सिर कटी लाश बरामद कर चुकी है, जिसे जमीन में दफनाया गया था। शुरुआती जांच में यह सामने आया था कि हत्या के बाद आरोपियों ने शव का सिर अलग कर नहर में फेंक दिया था। इसके बाद कई दिनों तक नहर में सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन सिर का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे मामले में डीएनए रिपोर्ट बेहद अहम साबित होगी। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद शव वास्तव में विकसित उर्फ रॉकी का ही है या नहीं। इससे जांच को निर्णायक दिशा मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल पुलिस सभी फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और मामले की हर एंगल से गहन जांच जारी है।