लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर राम मंदिर दान विवाद को लेकर सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर सवाल खड़े किए हैं। बुधवार को उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर इस मामले को लेकर तीसरी बार प्रतिक्रिया दी और इसे “चढ़ावा चोरी कांड” करार देते हुए 11 सवाल उठाए।

अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि मामले में शामिल लोगों को लेकर मीडिया में गिरफ्तारी की खबरें सामने आ रही हैं, जबकि बाद में पुलिस द्वारा उनका खंडन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले पर सरकार की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।

सपा प्रमुख ने पूछा कि इस कथित अनियमितता के पीछे कौन लोग हैं, जो धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि दान की राशि में कथित गड़बड़ी के मामले में सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने में क्या समस्या है और इस पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी कौन लेगा।

अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में 11 बिंदुओं के माध्यम से ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, धन प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में शामिल लोगों और प्रभावशाली व्यक्तियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह मामला केवल आर्थिक अनियमितता का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है, जिस पर पारदर्शिता जरूरी है। साथ ही उन्होंने सरकार की भूमिका और “डबल इंजन” व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।

इससे पहले भी अखिलेश यादव इस मुद्दे पर सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार और ट्रस्ट को घेर चुके हैं। उन्होंने इसे बेहद संवेदनशील मामला बताते हुए पारदर्शी जांच की मांग की है।