उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए बड़ा निर्णय लेते हुए प्रत्येक विकास खंड स्तर पर साप्ताहिक चौपाल आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इन चौपालों में राजस्व विवाद, घरेलू हिंसा, अवैध वसूली और लंबित पुलिस शिकायतों जैसी जनसमस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा। इसके साथ ही पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी।

रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता जनता को पारदर्शी, समयबद्ध और संतोषजनक समाधान देना है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि चौपालों के संचालन के लिए विस्तृत एसओपी तैयार की जाए और हर शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इन बैठकों में जनपद स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी।

मुख्यमंत्री ने आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लेने के निर्देश देते हुए कहा कि केवल औपचारिक कार्रवाई नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए।

बैठक के दौरान उन्होंने आगामी गंगा दशहरा और बकरीद पर्व को लेकर भी सख्त और विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि बकरीद पर सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी और केवल निर्धारित स्थलों पर ही यह प्रक्रिया की जाएगी। प्रतिबंधित पशुओं के वध पर पूर्ण रोक रहेगी और किसी भी नई परंपरा को अनुमति नहीं दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि नमाज केवल पारंपरिक स्थलों पर ही अदा की जाएगी और सड़क या सार्वजनिक मार्ग बाधित करने की अनुमति किसी भी स्थिति में नहीं दी जाएगी। सभी जिलों में कुर्बानी के बाद अपशिष्ट निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने और खुले में मांस बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। अवैध स्लॉटर हाउस के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, जबकि वैध केंद्रों में भी नियमों का पालन अनिवार्य रहेगा।

त्योहारों के दौरान बिजली, सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च और नियमित पुलिस गश्त सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने अलीगढ़, बिजनौर, सहारनपुर, रामपुर और संभल जैसे संवेदनशील जिलों के प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से संवाद कर पूर्व घटनाओं का विश्लेषण करने और संभावित अराजक तत्वों पर नजर रखने के निर्देश दिए। सभी जिलों में पीस कमेटियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।

गंगा दशहरा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, चित्रकूट, हापुड़, मुजफ्फरनगर और अमरोहा सहित विभिन्न जिलों में घाटों की सफाई, बैरिकेडिंग, एम्बुलेंस, छायादार व्यवस्था और पार्किंग प्रबंधन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

उन्होंने सड़क सुरक्षा और अवैध खनन पर सख्त रुख अपनाते हुए बिना नंबर प्लेट वाहनों के खिलाफ अभियान चलाने और टास्क फोर्स बनाकर कार्रवाई करने को कहा। साथ ही भू-माफियाओं पर कार्रवाई तेज करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि किसी भी निर्दोष नागरिक का उत्पीड़न न हो।

बैठक में मुख्य सचिव ने ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के तहत 12 लाख पांडुलिपियों के चिन्हांकन की जानकारी दी, जबकि पुलिस महानिदेशक ने आगामी पर्वों और परीक्षाओं के मद्देनज़र सुरक्षा तैयारियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की।