गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के 36वें स्थापना दिवस पर प्रदेश में निवेश, रोजगार और बेहतर कानून-व्यवस्था की उपलब्धियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने युवाओं को उनके गृहक्षेत्र में ही रोजगार देने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास किए हैं।

सीएम योगी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में अपराध, गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति प्रभावी रूप से लागू की गई है, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश आज कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के मामले में देश में एक मॉडल स्टेट बन गया है। उन्होंने कहा, “अब प्रदेश से माफिया गायब हैं, दंगे और अराजकता नहीं हैं, और उपद्रव का प्रदेश उत्सव का प्रदेश बन चुका है।”

समारोह में मुख्यमंत्री ने गीडा के 114 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया, जिनकी कुल लागत 408 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, 6139 करोड़ रुपये के निवेश के लिए आवंटित 115 भूखंडों में से पांच निवेशकों को प्रमाण पत्र भी सौंपे। नाइलिट कैम्पस में कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को सर्टिफिकेट वितरित किए गए और तीन दिवसीय यूपी स्टेट ट्रेड शो का उद्घाटन किया गया।

सीएम योगी ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में लगभग 500 औद्योगिक इकाइयाँ गीडा में स्थापित हुई हैं, जिससे लगभग 40,000 युवाओं को सीधे रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब निवेश और नौकरियों की बहार है, और दिसंबर में 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतारे जाएंगे।

उन्होंने गोरखपुर और पूर्वी उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास की तस्वीर पेश करते हुए बताया कि गीडा से लेकर धुरियापार तक एक बड़ा औद्योगिक कॉरिडोर तैयार हो रहा है, जिसमें प्लास्टिक पार्क, फ्लैटेड फैक्ट्री और कई बड़े उद्योग स्थापित हो रहे हैं।

सीएम ने यह भी कहा कि पूर्व की सरकारों में वैमनस्यता और तुष्टिकरण की नीति के कारण औद्योगिक विकास और कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाकर निवेश और सुरक्षा के लिए उपयुक्त माहौल बनाया है।

समारोह में गीता प्रेस को गीडा में 10 एकड़ भूमि का आवंटन भी किया गया। इसके साथ ही प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी और एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में यूपी के औद्योगिक और आर्थिक प्रगति की सराहना की।

त्रिदिवसीय ट्रेड शो में प्रदेश के औद्योगिक उत्पादों के स्टाल प्रदर्शित किए गए, जिनमें ओडीओपी उत्पाद, लघु और भारी उद्योग, मेड इन यूपी और मेड इन गोरखपुर उत्पाद शामिल थे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में उद्यमी, आमजन और राजनीतिक नेता उपस्थित रहे।