स्वामी यशवीर का सुझाव रद्दी की टोकरी में क्यूं ?

शिवभक्त कांवड़ियों का आगमन हरिद्वार-मुजफ्फरनगर मार्ग पर आरंभ हो गया है, यद्यपि सड़कों पर शिवभक्तों का सैलाब अभी नहीं उमड़ा है। कांवड़ यात्रा निर्विघ्न सफलतापूर्वक संपन्न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पुलिस-प्रशासन को विशेष निर्देश हैं और सरकारी मशीनरी व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने में जुटी है।

कांवड़ यात्रा के संदर्भ में बघरा आश्रम (मुजफ्फरनगर) के स्वामी यशवीर जी ने जिला अधिकारी को बहुत पहले पत्र लिखकर महत्वपूर्ण सुझाव दिया था। स्वामी जी ने लिखा था कि मुजफ्फरनगर जिले में कई स्थानों पर तथा मंगलौर तक अनेक मुस्लिम होटल हैं, जिनके हिन्दू देवी-देवताओं के नाम रखे हुए हैं जैसे शिवा होटल, पार्वती होटल, पवित्र वैष्णव होटल, श्री गंगा होटल आदि। हिन्दू तीर्थयात्री, पर्यटक और कांवड़िये हिन्दू नामों से भ्रमित होकर मुस्लिमों के होटलों पर पहुंच जाते हैं।

स्वामी जी ने पत्र में लिखा था कि अतीत में कुछ मुस्लिम खानसामाओं द्वारा भोजन या नान, रोटी पर थूकने के वीडियो वायरल हुए थे। स्वामी जी ने जिला अधिकारी से मांग की थी जिन होटलों को मुस्लिम चलाते हैं, उनके नाम देवी देवताओं के नाम पर न रखे जाएं। साथ ही होटलों के मालिकों व संचालकों के नाम मोटे अक्षरों में प्रदर्शित किए जाएं। इन होटलों पर बाहु‌बलियों के दबाव में 4 गुणा अधिक मूल्य वसूला जाता है। स्वास्थ्य एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों ने कभी भी खान-पान की वस्तुओं का निरीक्षण नहीं किया।

स्वामी यशवीर के सुझाव की अनदेखी करना ठीक नहीं था। ऐसा प्रतीत होता है कि जब तक मुख्यमंत्री जी स्वयं इसका दिशा निर्देश नहीं करते यह प्रथा जारी रहेगी।

गोविन्द वर्मा
संपादक ‘देहात’

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