बांग्लादेश में मंदिरों पर हमले मामले को लेकर केंद्र सरकार ने गुरुवार को संसद में जानकारी दी. सरकार ने राज्यसभा में बताया कि पिछले कुछ महीने में बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों और मूर्तियों को अपवित्र करने व क्षति पहुंचाने की कई घटनाएं रिपोर्ट की गई हैं. भारत सरकार ने इन घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है. इन घटनाओं में ढाका के तांतीबाजार में एक पूजा मंडप पर हमला और दुर्गा पूजा-2024 के दौरान सतखिरा में जेशोरेश्वरी काली मंदिर में चोरी शामिल है.

केंद्र सरकार ने राज्यसभा में कहा कि बांग्लादेश सरकार पर हिंदुओं और सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का दायित्व है. साथ ही उनके पूजा स्थल समेत सभी नागरिकों के जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी बांग्लादेश सरकार की है. ये बातें विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने एक प्रश्न के जवाब में कहीं.

पूजा स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहा

मंत्री से सवाल किया गया था, क्या बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों को अपवित्र करने और नुकसान पहुंचाने की घटनाएं बढ़ी हैं. अगर हां तो क्या सरकार ने इस मामले को बांग्लादेश के सामने उठाया है. क्या बांग्लादेश सरकार की ओर से इस पर कोई जवाब आया है. इसके जवाब में मंत्री ने कहा कि सरकार ने बांग्लादेश सरकार से अल्पसंख्यकों और उनके पूजा स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहा है.

चारु चंद्र दास ब्रह्मचारी का बड़ा दावा

उधर, इस्कॉन बांग्लादेश के प्रमुख चारु चंद्र दास ब्रह्मचारी ने गुरुवार को बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में इस्कॉन को प्रताड़ित हिंदू समुदाय को एकजुट करने के कारण निशाना बनाया जा रहा है. इस्कॉन बांग्लादेश में जबरन धर्मांतरण का विरोध करता है. उसकी इस कोशिशों की वजह से उसे टारगेट किया जा रहा है.

इस्कॉन एक शांतिपूर्ण संगठन है

एजेंसी से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट के फैसले पर राहत जताई, जिसने संगठन की गतिविधियों पर बैन लगाने के अनुरोध को खारिज कर दिया है. ब्रह्मचारी ने कहा कि कोई भी सरकार चरमपंथियों की ऐसी मांगों पर कभी सहमत नहीं होगी. इस्कॉन एक शांतिपूर्ण संगठन है.