देश की फेमस और सबसे बड़ी डायग्नोस्टिक चेन डॉ. लाल पैथलैब्स (Dr Lal PathLabs) के लाखोंं मरीजों का डेटा लीक होने का मामला सामने आया है।  खबर है कि ये डेटा लीक एक ऐसे सर्वर से हुए हैं जो अनसेफ था। इस डेटा में मरीजों के कॉन्टैक्ट डीटेल से लेकर उनकी निजी रिपोर्ट भी शामिल थीं।  

खबर है कि इस बारे में हुए खुलासे के बाद साइबर एक्सपर्ट समी तोइवोनेन ने कंपनी को चेताया है।  जिसके बाद कंपनी ने कुछ घंटों के अंदर ही इसे रोकने की कोशिश की लेकिन अब तक लगभग एक साल तक ये एक डेटा लीक होता रहा है। 

समी तोइवोनेन ने कहा कि जिन मरीजों के डेटा लीक हुआ है उनकी संख्या लाखों में है। इसमें साल 2019 की शुरुआत का भी  डेटा शामिल हो सकता है।  एक्सपर्ट समी ने बताया है कि स डेटा में मरीजों की बुकिंग डिटेल, उनका नाम, जेंडर, पता, फोन नंबर, ई-मेल आईडी, डिजिटल सिग्नेचर, सीमित पेमेंट डिटेल, डॉक्टर का विवरण, उनके टेस्ट का विवरण तक सभी कुछ लीक हो गया है। वहीँ, टेक ट्रंप की एक रिपोर्ट यह भी बताती है कि इस डेटा में मरीजों की कोरोना रिपोर्ट की जानकारी भी शामिल थी जो अब लीक हो चुकी है। 

बताया जा रहा है कि डॉ. लाल पैथलैब्स की तरफ से ये डेटा एमेजॉन वेब सर्विसेज पर होस्ट हो रहे थे और हैरानी कि बात यह है कि इनमें पासवर्ड नहीं लगा हुआ था इसलिए भी यह सेफ नहीं थे। इस स्थिति में कोई भी आसानी से इन डेटा तक पहुंच सकता है।  समी तोइवोनेन ने चिंता जताते हुए कहा है कि इसका कई तरह से दुरुपयोग किया जा सकता है। 

उन्होंने यह भी कहा कि नहीं पता कि यह कब तक असुरक्षित रहा और कितना डेटा लीक हो चुका है। वहीँ, इस बारे में डॉ. लाल पैथलैब्स के प्रवक्ता ने इस बात को स्वीकार किया और कहा कि डेटा लीक हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि ये वो डेटा था जो टेम्पेररी रिकॉर्ड था और जिसे कामकाजी लिहाज से सर्वर के एक बकेट में रखा गया था।  लेकिन यह हमारे रिकॉर्ड का महज 0.5% है। जैसे ही हमें इस एक्सपोजर के बारे में पता चला तत्काल इसका समाधान किया है।