साइबर सेक्सटॉर्शन का शिकार बना बी-टेक छात्र, ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर की आत्महत्या

HIGHLIGHTS
- सागर स्थित डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय के बी-टेक छात्र अमन प्रजापति ने साइबर सेक्सटॉर्शन से परेशान होकर बीना के एक लॉज में आत्महत्या कर ली।
- परिजनों के अनुसार, पिछले कई महीनों से विदेशी नंबरों से धमकियां देकर छात्र से पैसे वसूले जा रहे थे, जिसमें उसने करीब 40 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे।
- पुलिस को छात्र के व्हाट्सएप चैट और ट्रांजेक्शन में ब्लैकमेलिंग के सुराग मिले हैं, मामले की जांच साइबर सेल द्वारा की जा रही है।
मध्य प्रदेश के सागर स्थित डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में बी-टेक तृतीय वर्ष के छात्र ने साइबर ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। छात्र अमन प्रजापति (22), अशोकनगर जिले के मुंगावली क्षेत्र का रहने वाला था। उसका शव बीना के एक लॉज में फंदे से लटका मिला। घटना के बाद सामने आए व्हाट्सएप चैट्स ने एक गंभीर साइबर सेक्सटॉर्शन नेटवर्क की ओर इशारा किया है।
पाकिस्तानी नंबर से मिल रही थीं धमकियां
परिजनों के अनुसार, अमन को पिछले करीब सात महीनों से एक पाकिस्तानी नंबर सहित कई संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय नंबरों से लगातार धमकियां मिल रही थीं। आरोप है कि साइबर ठगों ने उसके पिता और दोस्तों के नंबर भेजकर उसे डराया और कहा कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए जाएंगे।
डर और बदनामी के दबाव में छात्र ने कई बार ऑनलाइन माध्यम से करीब 40 हजार रुपये से अधिक की राशि भी ट्रांसफर की थी।
शादी की तैयारियों के बीच टूटा परिवार
अमन अपने चार भाइयों में सबसे छोटा था और परिवार में बेहद लोकप्रिय था। उसके बड़े भाई की शादी 7 जुलाई को तय थी, जिसकी तैयारियां चल रही थीं। दोनों भाइयों ने 2 जुलाई को घर जाने की योजना बनाई थी और सामान भी पैक कर लिया था।
लेकिन लंबे समय से चल रही ब्लैकमेलिंग और मानसिक तनाव के चलते अमन बेहद परेशान था। उसे डर था कि शादी के समय उसकी निजी तस्वीरें वायरल हो सकती हैं, जिससे वह गहरे तनाव में चला गया।
हॉस्टल से निकला, लॉज में मिला शव
2 जुलाई की सुबह अमन हॉस्टल जाने की बात कहकर कमरे से निकला था। कुछ समय बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। जब भाई हॉस्टल पहुंचे तो वहां उसका मोबाइल और टूटी सिम मिली। सीसीटीवी में उसे बस स्टैंड के पास देखा गया था, जिसके बाद उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
बाद में बीना के लक्ष्मी लॉज में उसका शव फंदे से लटका मिला। लॉज संचालक के अनुसार, उसने प्रयागराज जाने की बात कहकर कमरा लिया था।
कर्ज और ऑनलाइन लोन का शक
परिजनों ने बताया कि ब्लैकमेलर्स की लगातार बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अमन ने दोस्तों और परिचितों से पैसे उधार लिए थे। मोबाइल जांच में कुछ फाइनेंस कंपनियों और लोन ऐप्स के नंबर भी मिले हैं, जिससे आशंका है कि उसने कर्ज लेकर ठगों को भुगतान किया।
पुलिस जांच में जुटी, साइबर सेल सक्रिय
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामला दर्ज कर लिया है। छात्र की पहचान आधार कार्ड से हुई। अब पुलिस बैंक ट्रांजेक्शन, कॉल डिटेल्स और संदिग्ध विदेशी नंबरों की जांच साइबर सेल की मदद से कर रही है।
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