इंफाल। मणिपुर में जातीय हिंसा के कारण बेघर हुए सैकड़ों लोगों ने रविवार को इंफाल में राजभवन के पास जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से तत्काल अपने घरों में लौटने की मांग की।

प्रदर्शन में शामिल लोग चुराचांदपुर, कांगपोकपी, इंफाल पश्चिम और इंफाल पूर्व जिलों से आए थे। मई 2023 से जारी जातीय हिंसा के बाद ये लोग राहत शिविरों में जीवन यापन कर रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों ने बैनर और नारे लगाते हुए कहा कि सरकार संगाई पर्यटन उत्सव आयोजित कर "राज्य में सामान्य स्थिति लौट आई है" का दावा कर रही है, जबकि हजारों विस्थापित अब भी राहत शिविरों में हैं। बैनरों पर लिखा था, 'विस्थापित जीवन मायने रखता है', 'अधिकार पहले, पर्यटन बाद में', और 'संगाई उत्सव का बहिष्कार करें'।

सुरक्षा बलों ने कंगला गेट के पास प्रदर्शनकारियों को रोक दिया और राजभवन तक आगे बढ़ने से रोका। इसके बाद प्रदर्शनकारी उरिपोक क्षेत्र की ओर मार्च करते हुए आगे बढ़े।

चुराचांदपुर जिले से विस्थापित ईरोम अबुंग मैतेई ने कहा, "सरकार सामान्य स्थिति का दावा कर रही है, लेकिन हम आज भी शिविरों में हैं। हमारी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होगा।"

मई 2023 से मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जारी संघर्ष में अब तक 260 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।