न्यायपालिका को डिजिटल और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में दो अहम डिजिटल पहलों की शुरुआत की घोषणा की गई। सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही शुरू होने से पहले मुख्य न्यायाधीश ने इन नई व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
“वन केस वन डेटा” पहल की शुरुआत
मुख्य न्यायाधीश ने बताया कि न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए “वन केस वन डेटा” नामक डिजिटल प्रणाली लागू की जा रही है। इसके तहत देशभर की हाईकोर्ट, जिला अदालतों और तालुका अदालतों के केस डेटा को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किया जाएगा।
इस प्रणाली की मदद से किसी भी मामले से जुड़ी पूरी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी, जिससे केस ट्रैकिंग और प्रबंधन की प्रक्रिया अधिक सरल और प्रभावी बन सकेगी।
AI आधारित चैटबॉट ‘सु सहायता’ लॉन्च
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर ‘सु सहायता’ नाम से एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित चैटबॉट भी शुरू किया गया है। यह चैटबॉट आम लोगों को न्यायिक जानकारी और केस से जुड़ी बुनियादी सहायता उपलब्ध कराने में मदद करेगा।
न्यायिक व्यवस्था में डिजिटल बदलाव की दिशा
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि न्यायपालिका एक आधुनिक केस मैनेजमेंट सिस्टम विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिसका उद्देश्य अदालतों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और लंबित मामलों की निगरानी को आसान बनाना है।
इन पहलों से न्यायिक डेटा का एकीकरण होगा और अदालतों की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनेगी।