थाईलैंड के विदेश मंत्री सिहासक फुआंगकेटकेओ अपने चार दिवसीय प्रथम आधिकारिक भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंच गए हैं। यह यात्रा 30 नवंबर से शुरू होकर 2 दिसंबर तक चलेगी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, मंत्री फुआंगकेटकेओ अपनी आगमन के बाद शनिवार को दिल्ली में निर्धारित आधिकारिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

1 दिसंबर को हैदराबाद हाउस में उनकी मुलाकात भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से होगी, जहां दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। बैठक के बाद, थाई प्रतिनिधिमंडल 2 दिसंबर को स्वदेश लौटेगा।

थाई विदेश मंत्री के आगमन पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर शुभकामनाएं दीं और इस दौरे को भारत–थाईलैंड रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का महत्त्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने लिखा, “थाईलैंड के विदेश मंत्री की पहली आधिकारिक भारत यात्रा का हार्दिक स्वागत। यह हमारे दीर्घकालिक सभ्यतागत संबंधों और रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ करने का उचित समय है।”

गौरतलब है कि इसी वर्ष अप्रैल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बैंकॉक में आयोजित छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में शामिल हुए थे। थाई प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनवात्रा के निमंत्रण पर हुई उस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक विस्तृत करते हुए सहयोग को नई दिशा दी थी।

भारत और थाईलैंड ने डिजिटल प्रौद्योगिकी, गुजरात के लोथल में राष्ट्रीय समुद्री धरोहर परिसर के निर्माण, एमएसएमई क्षेत्र, पूर्वोत्तर भारत के विकास मंत्रालय और थाई विदेश मंत्रालय के बीच सहयोग सहित कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे। इसके साथ ही NEHHDC और थाईलैंड की क्रिएटिव इकॉनमी एजेंसी के बीच कला, संस्कृति और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए सहयोग और मजबूत किया गया।

भारत और थाईलैंड के संबंध ऐतिहासिक रूप से सौहार्दपूर्ण रहे हैं। दोनों देशों ने 1947 में राजनयिक संबंध स्थापित किए थे और वर्ष 2022 में इन रिश्तों के 75 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया गया था।