प्रयागराज: जगदगुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने माघ मेला क्षेत्र में “गौ प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा” निकालकर गोमाता की सुरक्षा और सम्मान की दिशा में लोगों से समर्थन मांगा। बुधवार को उन्होंने संतों के शिविर का दौरा किया और त्रिवेणी मार्ग स्थित शिविर के बाहर बैठकर संतों और श्रद्धालुओं को संबोधित किया।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि गोमाता सनातन धर्म की आत्मा हैं और उनकी हत्या रोकने के लिए कानून बनना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि पहले कांग्रेस सरकार के समय भी उन्होंने गोमाता की सुरक्षा कानून बनाने का प्रयास किया था, लेकिन गंभीरता नहीं दिखाई गई। कानून न बनने के कारण जनता ने कांग्रेस को नकार दिया।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के आने पर जनता को उम्मीद थी कि गोमाता सुरक्षा कानून बनाया जाएगा, लेकिन सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। स्वामी ने चेतावनी दी कि यदि मौजूदा सरकार ऐसा नहीं करती, तो अगले सनातनी नेतृत्व वाली सरकार इसे जरूर सुनिश्चित करेगी।
वहीं, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय भी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर पहुंचे और उनका आशीर्वाद लिया। पांडेय ने कहा कि मौनी अमावस्या पर संतों के साथ मारपीट निंदनीय है और यह पूरे संत समाज का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार संतों और सनातन धर्मावलंबियों का सम्मान नहीं करती, जबकि सपा पूरी तरह स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने घटना के दूसरे दिन ही स्वामी से फोन पर बात कर इस पर आपत्ति जताई थी।
स्वामी ने यह भी कहा कि माघ मेले में उन्हें दी गई नोटिस का उत्तर पहले ही मेला प्राधिकरण को भेजा जा चुका है। उचित जवाब न मिलने पर उनके वकील मानहानि का मामला दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं।