जानसठ। राजपुर कलां स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले ने एक बार फिर स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक तस्वीर उजागर कर दी। महीनों से बिना डॉक्टर वाले इस केंद्र पर मेले के दौरान भी पूरा प्रबंधन सिर्फ फार्मासिस्ट और स्टाफ नर्स के भरोसे ही चलता रहा। मरीजों की जांच से लेकर दवाओं के वितरण तक की जिम्मेदारी फार्मासिस्ट ने अकेले संभाली।

ग्रामीणों के मुताबिक राजपुर कलां पीएचसी पर लंबे समय से किसी चिकित्सक की नियुक्ति नहीं की गई है। वर्तमान में केंद्र पर केवल फार्मासिस्ट मरदान अली और स्टाफ नर्स शादाब खान ही तैनात हैं। गंभीर मरीजों को अक्सर बेहतर इलाज के लिए दूसरी जगह रेफर कर दिया जाता है, क्योंकि केंद्र पर ब्लड जांच जैसी बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं है।
अशोक, नरेंद्र, सतीश और राकेश जैसे ग्रामीण बताते हैं कि डॉक्टर की अनुपस्थिति में रोजमर्रा की बीमारियों जुकाम, खांसी, बुखार, दर्द को तो संभाल लिया जाता है, लेकिन गंभीर मामलों में लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है।

सीएचसी जानसठ के प्रभारी डॉ. अर्जुन सिंह ने बताया कि कई स्वास्थ्य केंद्रों पर प्राइवेट बीएएमएस डॉक्टरों की तैनाती का प्रस्ताव है। इंटरव्यू पूरे हो चुके हैं, लेकिन औपचारिक नियुक्ति अभी नहीं हुई है। डीएम के आदेश मिलते ही चिकित्सकों की पोस्टिंग की जाएगी।