मुजफ्फरनगर। सिविल बार एसोसिएशन के राष्ट्रीय सभागार में संविधान दिवस के अवसर पर “संविधान अमृतकाल” कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में उच्च न्यायालय इलाहाबाद के न्यायाधीश कृष्ण पहल शामिल हुए।
शनिवार को सिविल बार एसोसिएशन और अधिवक्ता परिषद ब्रज प्रांत मुजफ्फरनगर इकाई द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में न्यायाधीश कृष्ण पहल का स्वागत किया गया। अपने संबोधन में न्यायाधीश ने भारतीय संविधान की महत्वपूर्ण विशेषताओं पर प्रकाश डाला और संविधान में दिए गए मूल अधिकारों और कर्तव्यों की विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि संविधान हर नागरिक को समान अधिकार प्रदान करता है और दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान भारत का ही है।
संविधान दिवस 2015 में पहली बार डॉ. भीमराव आंबेडकर की 125वीं जयंती पर मनाया गया था और तब से यह प्रत्येक वर्ष पूरे देश में मनाया जा रहा है।
कार्यक्रम में प्रभारी जनपद न्यायाधीश अलका भारती, एमएसीटी की चेयरमैन आदेश नैन, सिविल बार के अध्यक्ष सुनील मित्तल, महासचिव राज सिंह रावत, जिला बार संघ के महासचिव चंद्रवीर सिंह, विजय कुमार त्यागी, महामंत्री सलेक चंद, सुभाष गुप्ता, प्रमोद त्यागी समेत कई वरिष्ठ अधिवक्तागण उपस्थित रहे। अन्य उपस्थित सदस्य थे अनिल दीक्षित, तेग बहादुर, सुगंध जैन, मनोज शर्मा, अरुण शर्मा, रवि दत्त, सत्येंद्र कुमार, हरिओम गोयल, गौरव गोयल, निर्मल मित्तल, राजीव शर्मा, ठाकुर भूपेंद्र सिंह, अमित वर्मा, नरेंद्र जी, रेखा शाही, बालकिशन शर्मा, प्रवीण कुमार, ललित भारद्वाज और कपिल गुप्ता।
कार्यक्रम का संचालन बिपाशा गौतम और ललित ने किया।