मुजफ्फरनगर। सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों को निशाना बनाने वाले साइबर गिरोह ने एक और वारदात को अंजाम दिया है। शाहपुर क्षेत्र के हरसौली गांव के रहने वाले वायुसेना के सेवानिवृत्त जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ) धर्मपाल पाँच दिनों तक डिजिटल जाल में फँसे रहे और ठगों ने उनसे कुल 16 लाख 20 हजार रुपये हड़प लिए।

पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि 17 नवंबर को उन्हें एक महिला का फोन आया, जिसने खुद को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) की अधिकारी बताया। महिला ने दावा किया कि उनके नाम से मुंबई में एक फर्जी मोबाइल सिम संचालित हो रहा है।

कॉल पर ही महिला ने धर्मपाल की बात एक अन्य व्यक्ति से कराई, जिसने अपना नाम विजय खान बताया और कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग की शिकायत के बाद उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।

इसी बीच, पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति का वीडियो कॉल आया, जिसने कथित तौर पर वारंट रुकवाने के लिए कॉल ऑन रखने को कहा। इसके बाद फोन एक ऐसे व्यक्ति से जोड़ दिया गया जिसने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया। उसने बैंक खातों से संदिग्ध लेन-देन का हवाला देकर धर्मपाल से उनके खातों की जानकारी निकलवा ली।

अगले दिन ठगों ने उनके दिल्ली स्थित सुब्रोतो पार्क एसबीआई ब्रांच में उनके खाते की पुष्टि कराने का बहाना बनाया। बैंक पहुँचे पीड़ित को फोन पर ही यह निर्देश दिया गया कि किसी से बात न करें। इसी दौरान आरोपी ने यह कहकर 11 लाख 70 हजार रुपये आरटीजीएस से भेजवा लिए कि राशि की “आरबीआई जांच” के बाद तीन दिन में पैसा लौट आएगा। यह रकम श्रवण कुमार नामक व्यक्ति के खाते में गई।

21 नवंबर को एक बार फिर कॉल आई और ठगों ने सहकारी बैंक निरमाणा से 4 लाख 50 हजार रुपये और निकलवा लिए। पैसे वापस न मिलने पर धर्मपाल को ठगी का पता चला और उन्होंने तुरंत शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस मामले की जांच में जुटी है और कॉल रिकॉर्डिंग व लेन-देन की डिजिटल ट्रेल खंगाली जा रही है।