नेतन्याहू के भारत समर्थन वाले बयान पर सरकार पर बरसी कांग्रेस

HIGHLIGHTS
- इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के भारत को लेकर दिए बयान के बाद सियासी विवाद तेज हो गया है और कांग्रेस ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं।
- कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि नेतन्याहू का यह दावा गलत है कि भारत इजराइल के साथ खड़ा है और गाजा में हो रही हिंसा पर भारत की जनता चिंतित है।
- नेतन्याहू ने एक इंटरव्यू में भारत सहित अन्य देशों के समर्थन का दावा किया था, जिसके बाद यह राजनीतिक बहस शुरू हुई है।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के एक बयान के बाद भारत की विदेश नीति को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि इस मामले में सरकार की चुप्पी भारत की परंपरागत कूटनीतिक नीति और मूल्यों के खिलाफ है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर कहा कि नेतन्याहू का यह दावा गलत है कि भारत इजराइल के साथ खड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत के करोड़ों लोग गाजा में जारी हिंसा, फलस्तीनियों के विस्थापन और पश्चिम एशिया में हो रहे सैन्य अभियानों को लेकर चिंतित हैं और इन्हें मानवता के खिलाफ मानते हैं।
नेतन्याहू के बयान पर विवाद
नेतन्याहू ने एक अमेरिकी मीडिया इंटरव्यू में कहा था कि इजराइल को केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि भारत जैसे देशों का भी समर्थन प्राप्त है। उन्होंने भारत की बड़ी आबादी और सोशल मीडिया पर मिल रहे समर्थन का भी उल्लेख किया था।
यह बयान अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की टिप्पणी के जवाब में दिया गया था, जिसमें इजराइल-अमेरिका संबंधों को लेकर चर्चा की गई थी।
कांग्रेस का आरोप और विदेश नीति पर सवाल
जयराम रमेश ने यह भी कहा कि नेतन्याहू का समर्थन मिलना किसी प्रकार का सम्मान नहीं माना जा सकता, क्योंकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ते जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका सहित कई देशों में उनके प्रति नाराजगी बढ़ रही है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार की विदेश नीति और प्रधानमंत्री मोदी के रुख पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
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