असम विधानसभा चुनाव के नतीजों में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मजबूत बढ़त हासिल करते हुए लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की स्थिति में पहुंच गई है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा गठबंधन लगभग 97 सीटों पर आगे चलता दिख रहा है।
वहीं कांग्रेस के लिए यह चुनाव बेहद निराशाजनक साबित हुआ है, जहां पार्टी का आंकड़ा घटकर करीब 24 सीटों तक सीमित होता नजर आ रहा है।
कांग्रेस का प्रदर्शन गिरा, कई दिग्गज हारे
इस चुनाव में कांग्रेस ने पिछली बार की तुलना में भी कमजोर प्रदर्शन किया है। 2021 में जहां पार्टी 29 सीटों पर जीत दर्ज कर पाई थी, वहीं इस बार उसे और नुकसान उठाना पड़ा है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी चुनावी मैदान में हार का सामना करते दिख रहे हैं।
गौरव गोगोई की हार बनी बड़ा झटका
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद गौरव गोगोई, जिन्हें इस चुनाव में पार्टी का प्रमुख चेहरा माना जा रहा था, खुद जोरहाट विधानसभा सीट से हार गए हैं।
उन्हें भाजपा उम्मीदवार हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने लगभग 23 हजार वोटों के अंतर से हराया। चुनाव में गोस्वामी को करीब 69 हजार वोट मिले, जबकि गोगोई लगभग 46 हजार वोटों तक ही सीमित रह गए।
लोकसभा में मजबूत, विधानसभा में कमजोर प्रदर्शन
गौरव गोगोई ने 2024 के लोकसभा चुनाव में जोरहाट सीट से जीत दर्ज की थी, लेकिन उसी क्षेत्र की विधानसभा सीटों पर कांग्रेस को बड़ा नुकसान हुआ है।
जोरहाट लोकसभा क्षेत्र की 10 विधानसभा सीटों में से लगभग 9 पर भाजपा और उसके सहयोगी आगे हैं, जबकि केवल एक सीट पर ही विपक्ष को बढ़त मिलती दिख रही है।
हितेंद्र नाथ गोस्वामी का राजनीतिक सफर
गौरव गोगोई को हराने वाले भाजपा नेता हितेंद्र नाथ गोस्वामी इस सीट से लगातार तीसरी बार विधायक बने हैं। वह 2017 से 2021 तक असम विधानसभा के स्पीकर भी रह चुके हैं।
राजनीतिक सफर की शुरुआत उन्होंने असम गण परिषद से की थी और 1991 से 2001 के बीच इस पार्टी के टिकट पर तीन बार विधायक चुने गए थे। बाद में उन्होंने 2014 में भाजपा का दामन थामा।