गुवाहाटी। असम की राजनीति में सोमवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने अपना इस्तीफा देने के कुछ ही घंटों बाद उसे वापस ले लिया। दिन की शुरुआत में इस्तीफा और शाम तक उसका रद्द होना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। इस पूरे घटनाक्रम को असम कांग्रेस के अंदर चल रही खींचतान और नेतृत्व स्तर पर सक्रियता से जोड़ा जा रहा है।

भूपेन बोरा ने अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजा था, जिसमें उन्होंने खुद को नजरअंदाज किए जाने और सम्मान नहीं मिलने की शिकायत जताई थी। इसके बाद एआईसीसी के राज्य प्रभारी जितेंद्र सिंह ने कहा कि पार्टी हाईकमान के हस्तक्षेप और कई दौर की समझाइश के बाद बोरा ने इस्तीफा वापस लेने का फैसला किया।

नेताओं की दौड़ और बैठकें
इस्तीफे की खबर सामने आते ही गुवाहाटी स्थित बोरा के घर कांग्रेस नेताओं का तांता लग गया। प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई समेत कई वरिष्ठ नेता और सहयोगी दलों के प्रतिनिधि उनसे मिलने पहुंचे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बोरा को संगठन में अहम जिम्मेदारी देने का भरोसा दिया गया, जिसके बाद उन्होंने साफ किया कि वह पार्टी में बने रहेंगे और संगठन के लिए काम जारी रखेंगे। इस तेज घटनाक्रम ने दिखाया कि कांग्रेस टूट की स्थिति से बचना चाहती थी।

भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस मामले पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बोरा का इस्तीफा पार्टी की अंदरूनी अस्थिरता का संकेत है। सरमा ने यह भी कहा कि बोरा कांग्रेस के आखिरी बड़े हिंदू नेता थे जो न विधायक थे, न मंत्री। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में आम परिवार से आने वाले नेता आगे नहीं बढ़ पाते। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि बोरा ने भाजपा में शामिल होने के लिए उनसे संपर्क नहीं किया।

सियासी मायने और भविष्य की राजनीति
भूपेन बोरा 2021 से 2025 तक असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे और उन्हें संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का श्रेय दिया जाता है। उनके इस्तीफे और वापसी से साफ है कि पार्टी के भीतर असंतोष मौजूद है, लेकिन फिलहाल टूट टल गई है। मुख्यमंत्री सरमा ने दावा किया कि भविष्य में कुछ कांग्रेस विधायक पार्टी छोड़ सकते हैं। वहीं कांग्रेस खेमे का कहना है कि संगठन एकजुट है। विधानसभा चुनाव से पहले यह घटनाक्रम असम की सियासत में महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।