महिला आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव एक बार फिर तेज हो गया है। मंगलवार को कांग्रेस ने केंद्र से तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की और कहा कि महिला आरक्षण को मौजूदा लोकसभा सीटों के आधार पर लागू करने पर चर्चा होनी चाहिए।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे को लेकर गंभीर नहीं है और राजनीतिक एजेंडे के तहत महिलाओं के अधिकारों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

जयराम रमेश का सरकार पर हमला

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बयान जारी करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि चुनावी माहौल अब खत्म हो चुका है और विपक्ष के दबाव के कारण सरकार की रणनीति विफल हो गई है।

रमेश के मुताबिक, अब सरकार को वही कदम उठाना चाहिए जिसकी मांग विपक्ष लंबे समय से कर रहा है।

मौजूदा सीटों पर लागू करने की मांग

कांग्रेस नेता ने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023’ को तुरंत प्रभाव से लागू करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई जानी चाहिए। उनका कहना है कि इस कानून को 2029 से मौजूदा संसदीय सीटों के आधार पर लागू किया जाए।

उन्होंने दावा किया कि इसे देर रात अधिसूचित किया गया था और इसके पीछे जल्दबाजी और राजनीतिक दबाव था। कांग्रेस का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में भी महिला आरक्षण लागू किया जा सकता है।

परिसीमन पर केंद्र को घेरा

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार का असली फोकस महिला आरक्षण नहीं बल्कि परिसीमन प्रक्रिया है। जयराम रमेश ने कहा कि परिसीमन को आगे बढ़ाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने दावा किया कि महिला आरक्षण को लेकर सरकार की मंशा पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और यह मुद्दा संसद के विशेष सत्र में भी पूरी तरह केंद्र में नहीं था।

विपक्ष का रुख

कांग्रेस ने साफ किया है कि वह महिला आरक्षण का समर्थन करती है, लेकिन इसे परिसीमन से जोड़ने का विरोध करती है। पार्टी का कहना है कि यह प्रक्रिया महिलाओं के अधिकारों को प्रभावित कर सकती है और इसे मौजूदा संसदीय ढांचे के भीतर ही लागू किया जाना चाहिए।