दिल्ली में गणतंत्र दिवस से पहले अशांति फैलाने की कथित योजना के आरोप में सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पन्नू के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं 196, 197, 152 और 61 के तहत प्राथमिकी दर्ज की।
पुलिस ने यह कार्रवाई उस वीडियो के बाद की है, जिसमें पन्नू ने दावा किया कि उसके संगठन के "स्लीपर सेल" के सदस्य रोहिणी और डाबरी इलाकों में खालिस्तान समर्थक पोस्टर लगाए हैं। हालांकि, प्रारंभिक जांच में स्पेशल सेल को इन क्षेत्रों में किसी पोस्टर के होने की पुष्टि नहीं हुई है।
पन्नू ने वीडियो में धमकी देते हुए कहा था कि उसके संगठन के सदस्यों ने दिल्ली में दो जगह भारत-विरोधी नारे लिखे हैं। दिल्ली पुलिस ने जांच के बाद यह दावा झूठा पाया। अधिकारियों का कहना है कि गणतंत्र दिवस से पहले सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ तैनात हैं और इस तरह की धमकियों को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है।
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, खुफिया विभाग ने दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियों को सूचना दी है कि पाकिस्तान द्वारा प्रशिक्षित आतंकियों के बांग्लादेश के रास्ते भारत में प्रवेश करने की आशंका है। हालांकि इन आतंकियों की संख्या और वर्तमान स्थान का खुलासा नहीं किया गया है।Delhi | FIR registered under sections 196, 197, 152, and 61 of the BNS by the Delhi Police Special Cell against Sikh for Justice terrorist Pannuover the threat to create unrest in Delhi before January 26. Pannu had released a social media video claiming that he had put up…
— ANI (@ANI) January 23, 2026
सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैय्यबा ने बांग्लादेश में प्रशिक्षण शिविर बनाए हैं, जहां आईएसआई के अफसर भी आतंकियों को ट्रेनिंग देते हैं। इन जानकारियों के बाद दिल्ली पुलिस, पड़ोसी राज्यों की पुलिस और केंद्र की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं।