दिल्ली में एलएचडी (लेफ्ट हैंड ड्राइविंग) कारों को चलने की अनुमति दे दी गई है। अब एलएचडी कारें भारत में अधिकृत रूप से चल सकेंगी। साथ ही भारत दोनों तरह की एलएचडी और आरएचडी (राइट हैंड ड्राइविंग) कारें चलाने वाला वाला देश बन गया है।
साथ ही जिन देशों के राष्ट्रपति व राष्ट्रध्यक्षों की कारें भारत आ रही हैं उनके ड्राइवरों को चार कागजात लाने होंगे। दूसरी तरफ भारत सरकार ने जो 75 एलएचडी लग्जरी कारें खरीदी है वह कारकेड में शामिल कर ली गई हैं। इन कारों से रिहर्सल की जा रही है। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विदेशी कारों के लिए बनाए गए नियम को संक्षिप्त नाम अंतरदेशीय गैर परिवहन यान नियम-2022 है।
नियम में कहा गया है कि मेजबान देश में ठहरने की अवधि के दौरान यान (कार) के साथ चार तरह के दस्तावेज लाने होंगे। विदेशी ड्राइवरों को कार का रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस और इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट (जो मान्य है), बीमा पॉलिसी और प्रदूषण प्रमाण पत्र (यदि मूल देश में लागू हो तो) साथ लाने होंगे। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सुरक्षा के उद्देश्य से विदेशी ड्राइवरों के कागजात चेक किए जाएंगे। हालांकि, अधिकारी ने यह नहीं बताया कि किसी विदेशी ड्राइवर के पास ये वैध कागजात नहीं होंगे तो क्या कार्रवाई होगी। इस नोटिफिकेशन के साथ ही विदेशी मेहमानों क लिए भारत ने खरीदी 75 एलएचडी कारों को भारत में चलने की अनुमति मिल गई है।
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नियम में कहा गया है कि कार चलाने वाले व्यक्ति को सभी दस्तावेज भारत में प्रवेश करते समय और ठहरने की पूरी अवधि के दौरान कब्जे में रखेगा। विदेशी ड्राइवर को ये कागजात का अंग्रेजी अनुवाद लाना होगा। रजिस्ट्रीकरण चिह्न अंग्रेजी के अतिरिक्त किसी अन्य भाषा में प्रदर्शित होने की स्थिति में यान के आगे-पीछे अंग्रेजी में प्रदर्शित किया जाएगा। भारत के अतिरिक्त किसी अन्य देश के पंजीकृत मोटर वाहनों को भारत के क्षेत्र में स्थानीय यात्रियों और मालों के परिवहन की अनुमति नहीं होगी।