पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार के गठन की तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने बुधवार को जानकारी दी कि शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम सुबह 10 बजे शुरू होगा और इसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस समारोह में प्रधानमंत्री, एनडीए के कई मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के शामिल होने की तैयारी है। इसके अलावा करीब दो दर्जन मंत्री भी इस अवसर पर शपथ ले सकते हैं।
चुनाव नतीजों के बाद बदले सियासी समीकरण
हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में बड़ा उलटफेर देखने को मिला। मतगणना के बाद तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बाहर होना पड़ा और उसका 15 साल का शासन समाप्त हो गया। चुनाव परिणामों में टीएमसी को 80 सीटें मिलीं, जबकि पिछली बार उसके पास 215 सीटें थीं।
वहीं भाजपा ने इस चुनाव में मजबूत प्रदर्शन करते हुए 207 सीटों पर जीत दर्ज की। पिछले चुनाव में पार्टी के पास 77 सीटें थीं। इस परिणाम के बाद राज्य की राजनीति में नया समीकरण बन गया है।
सांस्कृतिक प्रतीक के जरिए संदेश देने की रणनीति
भाजपा ने शपथ ग्रहण समारोह के लिए 25वें वैशाख यानी रवींद्रनाथ टैगोर जयंती का दिन चुना है, जो बंगाली कैलेंडर के अनुसार 165वीं जयंती के रूप में मनाया जाता है। राजनीतिक हलकों में इसे एक प्रतीकात्मक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है।
नेतृत्व चयन पर नजर
नई सरकार में मुख्यमंत्री कौन होगा, इस पर अभी औपचारिक फैसला नहीं हुआ है। हालांकि, पार्टी स्तर पर चर्चा है कि चुनाव के दौरान प्रमुख चेहरा रहे शुभेंदु अधिकारी को यह जिम्मेदारी मिल सकती है। विधायक दल की बैठक जल्द बुलाए जाने की संभावना है, जिसमें नेतृत्व को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
भाजपा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को विधायक दल की बैठक के लिए मुख्य पर्यवेक्षक नियुक्त किया है, जबकि ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी सह-पर्यवेक्षक होंगे।