नई दिल्ली: NEET-UG परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक विवाद के बाद आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि जिन राज्यों में भाजपा की सरकार है, वहां सबसे अधिक पेपर लीक के मामले सामने आए हैं।
“युवाओं का भविष्य दांव पर”
अरविंद केजरीवाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि बीते कई वर्षों में लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं, लेकिन अब तक जिम्मेदार लोगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि 2017, 2021 और 2024 में भी पेपर लीक मामलों की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी, लेकिन युवाओं को कोई ठोस परिणाम देखने को नहीं मिला।
उन्होंने आरोप लगाया कि देश में अब तक दर्जनों परीक्षा पेपर लीक हो चुके हैं, जिससे करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। केजरीवाल ने कहा कि यह केवल सिस्टम की विफलता नहीं, बल्कि इसके पीछे बैठे लोगों की जवाबदेही तय करने का मामला है।
“सिर्फ जांच नहीं, कार्रवाई जरूरी”
आप प्रमुख ने कहा कि केवल जांच एजेंसियों को मामला सौंप देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर बार-बार पेपर लीक हो रहे हैं, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने अधिकारों और भविष्य के लिए आवाज उठाएं। केजरीवाल ने कहा कि यदि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है, तो छात्रों और युवाओं को संगठित होकर दबाव बनाना होगा।
सरकार पर साधा निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों ने देश की परीक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने मांग की कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और जवाबदेह बनाया जाए ताकि छात्रों का भरोसा दोबारा कायम हो सके।