कतर में भारतीय नौसेना के पूर्व कमांडर पुर्णेंदु तिवारी को फिर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उनके परिवार ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।

पुर्णेंदु तिवारी 2022 में गिरफ्तार किए गए आठ पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारियों में शामिल थे। उस समय सभी को मौत की सजा सुनाई गई थी। कूटनीतिक प्रयासों के बाद इनमें से सात अधिकारियों को माफी दी गई और वे फरवरी 2025 में भारत लौट आए। पुर्णेंदु तिवारी हालांकि एक अलग कानूनी मामले के चलते वापस नहीं आ सके।

विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, पुर्णेंदु तिवारी वित्तीय जांच का सामना कर रहे हैं। उनकी बहन, डॉ. मीतू भार्गव, जो ग्वालियर में रहती हैं, ने वीडियो संदेश जारी कर भारत सरकार से अपने भाई की सुरक्षा और जल्द वापसी का अनुरोध किया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी से इस मामले पर चर्चा की थी और कतर में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता की सराहना की थी। फिलहाल पुर्णेंदु तिवारी जेल में हैं और हाल के दिनों में अपने परिवार से केवल दो बार ही संपर्क कर पाए हैं।