खैरथल में एक ओर बच्ची को कुत्तों ने अपना शिकार बना डाला है। इस बार कुत्तों ने तीन साल की बच्ची को नोंचकर लहूलुहान कर दिया। इससे पहले कुत्तों ने एक सात साल की बच्ची को नोंच कर मार डाला था। प्रशासन कुत्तों को रेस्क्यू करने का दावा भी कर रहा है। लेकिन यह दावा भी कागजो में ही कैद होकर रह गया है।

खैरथल के शाहपुरा गांव में तीन साल की बच्ची पर कुत्ते ने हमला कर दिया। बच्ची घर के आंगन में खेल रही थी। इसी दौरान आवारा कुत्ते ने उसे पकड़ लिया ओर नोंच-नोंच कर बेहाल कर दिया। बच्ची के सिर, आंख और चेहरे पर काफी घाव हो गए। हालत गंभीर होने पर बच्ची को अलवर रेफर किया गया है। इससे पहले एक जनवरी को खैरथल में ही एक सात साल की बच्ची पर कुत्तों ने हमला कर दिया था, जिससे बच्ची की मौत हो गई थी। कुल मिलाकर खैरथल में लगातार दूसरी घटना है, जब कुत्ते ने किसी बच्ची पर हमला किया है।

शाहपुर गांव के ही रहने वाले बच्ची के चाचा मुबारिक ने बताया कि उसके भाई की तीन साल की बच्ची जानिस्ता घर के बाहर खेल रही थी। उसी समय गांव के एक कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया और उसके सिर, आंख ओर चेहरे को बुरी तरह नोंच डाला। कुत्ते ने बच्ची को नोंच-नोंच कर लहूलुहान कर दिया। इस घटना के बाद जंगली कुत्तों को देखते ही लोग दहशत में जीने लगे हैं। बच्ची के चिल्लाने की आवाज सुनकर उसके परिवार वाले बाहर आए और उन्होंने कुत्ते को वहां से भगाया। इसके बाद बच्ची को इलाज के लिए खैरथल के सेटेलाइट हॉस्पिटल में भर्ती कराया। वहां प्रथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर बच्ची को अलवर रेफर कर दिया।

अलवर के जनरल हॉस्पिटल में बच्ची को लाकर भर्ती कराया गया है। बच्ची का इलाज करने वाले डॉक्टर ने बताया कि बच्ची के चेहरे पर गंभीर घाव है। उसे प्रथमिक उपचार दे दिया गया है, क्योंकि डॉग बाइट के मामले में टांके नहीं लगाए जाते हैं। खैरथल में यह लगातार दूसरी घटना है। इससे पहले किरवारी गांव के पास एक सात साल की बच्ची को कुत्तों ने नोंच कर मर डाला था। उधर, प्रशासन की ओर से कुत्तों को पकड़ने का दावा भी सिर्फ कागजों तक सीमित है और प्रशासन इस ओर कोई ध्यान भी नहीं दे रहा। कुत्तों के हमलों की इन घटनाओं के बाद ग्रामीणों ने छोटे बच्चो को घरों में बंद कर दिया है और वे बाहर खेल भी नहीं पाते।