राजस्थान के झुंझुनूं शहर में हाउसिंग बोर्ड स्थित आरुणि हॉस्पिटल में भर्ती एक मरीज का शव पड़ोस के मकान की छत पर मिलने के मामले में परिजनों की रिपोर्ट पर अस्पताल के खिलाफ लापरवाही का मामला कोतवाली थाने में दर्ज हो गया है। वहीं, पुलिस ने परिजनों से समझाइश कर धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया। दरसअल, 38 वर्षीय हेतमसर निवासी सुनील बुडानिया पुत्र बंशीधर बुडानिया को किडनी में इंफेक्शन की समस्या के चलते 23 जनवरी को आरुणि हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। मरीज 27 जनवरी से ही अस्पताल से गायब था।

अस्पताल प्रशासन ने इसकी सूचना परिजनों को दी। परिजनों ने तलाश की पता नहीं चला। लोकेशन निकलवाई तो अस्पताल की आई। इस पर सुनील का भतीजा आदित्य और बेटा लक्की शाम को अस्पताल आए। अस्पताल की छत पर गए तो पड़ोस की बिल्डिंग की छत पर सुनील पड़ा हुआ था। इसकी सूचना अस्पताल प्रशासन और पुलिस को दी गई।
परिजन और अस्पताल संचालक आए, जब लोगों को इसका पता चला तो लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोग कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे। कोतवाली थानाधिकारी नारायण सिंह कविया ने कहा कि रिपोर्ट दर्जकर अनुसंधान किया जा रहा है। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन से बड़े सवाल
- कई बार थाने में हुई शिकायत, मंडावा मोड़ चौकी ने आज तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की?
- हाउसिंग बोर्ड में अस्पताल बनाने की परमिशन कहां से मिली?
- कई बार मरीजों के साथ मारपीट का वीडियो वायरल, फिर भी प्रसाशन ने क्यों नहीं कुछ किया?
- किडनी कांड में हाउसिंग बोर्ड में अवैध माना गया था अस्पताल तो यह हॉस्पिटल अवैध क्यों नहीं है?
- चिकित्सा विभाग को भी लिखित में कई बार मिल चुकी है शिकायत, आज तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई?