प्रदेश सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) की सूची में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। इसके लिए सरकार ने 26 जनवरी से पोर्टल खोल दिया है ताकि पात्र लोगों के नाम जोड़े जा सकें। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि सरकार इस बार 40 लाख से ज्यादा नए नाम सूची में जोड़ने की योजना बना रही है।

केवाईसी नहीं कराने वालों पर होगी कार्रवाई

31 मार्च 2025 के बाद उन लोगों के नाम सूची से हटा दिए जाएंगे, जिन्होंने केवाईसी नहीं करवाई है। मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि फिलहाल 52 लाख से ज्यादा लोग केवाईसी नहीं करवा पाए हैं। सरकार ने उन्हें 31 मार्च तक का समय दिया है।

मंत्री ने कहा कि जो लोग इस योजना के पात्र नहीं हैं, उन्हें नैतिकता के आधार पर योजना से बाहर हो जाना चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता है तो सरकार अपने स्तर पर कार्रवाई करेगी। उन्होंने बताया कि जिनके पास कार या अपना घर है, वे इस योजना के पात्र नहीं माने जाएंगे और उन्हें नोटिस भी जारी किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि पिछली गहलोत सरकार के दौरान आए 11 लाख से ज्यादा लंबित आवेदनों की भी जांच की जाएगी। जांच के बाद ही पात्र व्यक्तियों के नाम सूची में जोड़े जाएंगे। मंत्री गोदारा ने कहा कि इसके लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है।

राज्य की जनसंख्या के अनुपात में केंद्र सरकार 4 करोड़ 46 लाख 61,960 लोगों के लिए गेहूं का आवंटन करती है। वर्तमान सूची में 4 करोड़ 34 लाख 98,057 लोग लाभ ले रहे हैं। अब सरकार के पास 11 लाख 63 हजार 903 नए नाम जोड़ने की गुंजाइश है।

मंत्री गोदारा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल जरूरतमंद लोगों को योजना का लाभ देना है। योजना की पात्रता सुनिश्चित करने के लिए सख्त जांच की जाएगी ताकि सही लोगों को इसका फायदा मिल सके।