वंदना माथुर ने कहा कि शिवचरण माथुर ने अपना पूरा जीवन उच्च नैतिक मूल्यों और ईमानदारी के साथ प्रदेश व देश की सेवा में समर्पित किया। स्वतंत्रता संग्राम से लेकर सार्वजनिक जीवन तक उन्होंने जो भी जिम्मेदारी निभाई, उसे पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ निभाया।
उन्होंने कहा, "माथुर साहब ने भीलवाड़ा के प्रथम म्युनिसिपल चेयरमैन, प्रथम जिला प्रमुख, विधायक, सांसद, मंत्री और दो बार मुख्यमंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को कुशलतापूर्वक निभाया। उनकी योग्यता और दूरदर्शिता को देखते हुए ही इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने उन्हें महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया।"
पुरानी घटनाओं को उछालना दुर्भाग्यपूर्ण- वंदना माथुर
उन्होंने भाजपा विधायक गोपाल शर्मा द्वारा 7 फरवरी को दिए गए बयान की आलोचना करते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो व्यक्ति 15 साल पहले इस दुनिया से जा चुके हैं, उन पर इस तरह के निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं। वंदना माथुर ने कहा, "ऐसे बयान यह दर्शाते हैं कि विधायक को उस दौर की राजनीति और उसके मूल्यों की समझ नहीं है।" उन्होंने कहा कि दो विधानसभा सदस्यों पर एनकाउंटर का आरोप लगाने का कोई औचित्य नहीं है, खासकर तब जब न तो पूर्व मुख्यमंत्री शिवचरण माथुर और न ही पूर्व मुख्यमंत्री भैरोसिंह शेखावत अब इस दुनिया में हैं।
परिवार के योगदान का किया जिक्र
वंदना माथुर ने कहा कि उनके परिवार की चार पीढ़ियों ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक देश और समाज की सेवा की है। उन्होंने कहा, "भाजपा विधायक का बयान हमारे परिवार के पूर्वजों के त्याग और बलिदान का अपमान है। इससे उनकी मानसिकता और वैचारिक अक्षमता का ही पता चलता है।"
विधानसभा में माफी की मांग
उन्होंने भाजपा विधायक से सदन में माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि उनके बयान से प्रदेश की जनता आहत हुई है। उन्होंने कहा, "एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि होने के नाते गोपाल शर्मा को अपने शब्दों की गंभीरता समझनी चाहिए और जनता से माफी मांगनी चाहिए।"