मुजफ्फरनगर में बड़ौत रूट की प्राइवेट बसों के शहर में प्रवेश पर लगी रोक के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने सोमवार को आवाज उठाई। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने ट्रांसपोर्टरों के साथ रोडवेज बस स्टैंड पहुंचकर सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) प्रभात कुमार सिन्हा से मुलाकात की और अपने मुद्दे उठाए।
टिकैत ने कहा कि यदि शहर में बसों के संचालन पर रोक लगानी है, तो यह नियम सभी रूटों पर समान रूप से लागू होना चाहिए। उन्होंने बड़ौत रूट की बसों को लक्षित करने को भेदभावपूर्ण करार दिया और इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग की।
इसके अलावा, टिकैत ने रोडवेज बस स्टैंड को पहले से चिन्हित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग भी दोहराई। उनका कहना था कि इससे शहर के अंदर यातायात दबाव कम होगा और आने वाली समस्याओं का स्थायी समाधान निकलेगा।
जानकारी के अनुसार, शहर में बढ़ते ट्रैफिक और परिवहन निगम की आय बढ़ाने के उद्देश्य से कुछ दिन पहले बड़ौत डिपो से चलने वाली लगभग 20 बसों को शहर में प्रवेश नहीं दिया गया। इन बसों को वहलना से आगे जाने की अनुमति नहीं मिली, जिससे ट्रांसपोर्टरों में नाराजगी फैल गई।
एआरएम प्रभात कुमार सिन्हा ने बताया कि यह निर्णय जिला प्रशासन के आदेश पर लिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मुद्दे पर जिलाधिकारी से चर्चा कर ट्रांसपोर्टरों की समस्याओं को बताया जाएगा और आगे की कार्रवाई उनके निर्देशों के अनुसार की जाएगी।