मुजफ्फरनगर में प्राइवेट स्कूलों द्वारा किताबों की ऊंची कीमतें वसूलने के विरोध में अभिभावकों ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। भारतीय किसान मजदूर (संयुक्त मोर्चा) के बैनर तले अभिभावकों ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और निजी स्कूलों पर किताबों के दाम बढ़ाने का आरोप लगाया।

अभिभावकों की शिकायत
ज्ञापन में बताया गया कि नए शैक्षणिक सत्र में बच्चों के अगले कक्षा में प्रवेश के समय अभिभावकों को नई किताबें खरीदनी पड़ती हैं। स्कूलों ने अपने लिए विशेष बुक स्टोर तय कर दिए हैं, जिससे अभिभावक वहां से किताबें खरीदने के लिए बाध्य होते हैं।

अभिभावकों का कहना है कि वही किताबें, जो बाजार में सस्ती मिलती हैं, स्कूलों के बुक स्टोर में कई गुना महंगी बेची जाती हैं। उदाहरण के लिए, 10 रुपये की किताब को 80 रुपये तक में बेचा जा रहा है, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है।

सख्त कार्रवाई की मांग
अभिभावकों ने चेतावनी दी कि अगर इस मनमानी पर जल्द नियंत्रण नहीं किया गया, तो वे बच्चों को स्कूल से निकालने जैसे कदम उठाने पर मजबूर हो सकते हैं। ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई कि दोषी स्कूलों के खिलाफ जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और अभिभावकों को राहत मिले।